सहारनपुर। नगर निगम के पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का सपना दिखाकर अधिकारियों ने बंद कर दिया है। बीते आठ माह से पुस्तकालय पर ताला लगा हुआ है। इससे उन युवाओं को नुकसान हो रहा है, जो पुस्तकालय में प्रतिदिन आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे।
पुस्तकालय नगर निगम परिसर ही में बना है। इसमें प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक युवा आकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। इनके अलावा अनेक लोग आकर अपनी रूचि का साहित्य और अखबार आदि पढ़ा करते थे। करीब दो साल पहले पुस्तकालय को स्मार्ट सिटी योजना के तहत ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। करीब छह माह पहले पुस्तकालय से सभी किताबें और सामान निकलवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उम्मीद थी कि पुस्तकालय पर तेजी से काम होगा और जल्द ही लोगों को ई-लाइब्रेरी की सौगात मिलेगी। मगर स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने पुस्तकालय से सभी किताबें और सामान निकलवाकर गेट पर ताला लगवा दिया। तब से पुस्तकालय को विकसित करने पर कोई काम नहीं हुआ है। वर्तमान में पुस्तकालय भवन धूल फांक रहा है। लोग इस इंतजार में हैं कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारी कब पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी बनाएंगे।
ई-लाइब्रेरी में यह होने हैं काम
नगर निगम ने नवंबर 2019 में ई-लाइब्रेरी में रूचि रखने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्री बिड मीटिंग की गई थी। ई-लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों की करीब पांच हजार किताबें रखने के साथ ही जनरल व ई-बुक्स भी रखी जाएंगी। छात्र-छात्राओं के लिए लाइब्रेरी में एक करियर काउंसिलिंग सेंटर बनाया जाएगा।
एक करोड़ रुपये होंगे खर्च
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने पर एक करोड़ रुपये खर्च किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही नगर निगम की ओर से भी बजट में 20 लाख रुपये पुस्तकालय के लिए रखे गए हैं। मगर फिलहाल कार्य रुका हुआ है।
वर्ष 2002 में हुई थी स्थापना
नगर निगम में पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी। उस समय सहारनपुर नगर पालिका परिषद था। उस समय हरीश मलिक चेयरमैन थे और आराधना शुक्ला डीएम। पुस्तकालय के लिए नगर पालिका परिषद परिसर ही में एक भवन तैयार किया गया था, जिसमें किताबें रखने के लिए अलमीरा और फर्नीचर रखा गया था। लाइब्रेरियन के बैठने की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें नगर निगम 19 साल में अभी तक कोई नई चीज जोड़ नहीं सका है।
पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। कुछ काम कर भी लिए गए हैं। जल्द ही तेजी के साथ काम करते हुए ई-लाइब्रेरी तैैयार की जाएगी, जिसमें इंटरनेट की सुविधा के साथ ही हजारों किताबें भी रहेंगी।
ज्ञानेंद्र सिंह, सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर/नगरायुक्त