चिलकाना में खेवट लीला का मंचन करते कलाकार
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चिलकाना/गागलहेड़ी/बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। सुलतानपुर में हो रही रामलीला में राम केवट संवाद तथा दशरथ मरण की लीला का सुंदर मंचन किया गया। वनवास के दौरान श्रीराम गंगा पार कराने के लिए केवट से आग्रह करते हैं। केवट श्रीराम से कहता है कि उसकी नाव तो लकड़ी की बनी है। यदि यह पत्थर की तरह नारी बन गई तो वह अपने अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेगा। श्रीराम सीता के आग्रह पर केवट उन्हें गंगा पार करा देता है। राम केवट को गंगा पार कराने की उतराई देते हैं, लेकिन केवट कहता है कि मैंने आपको गंगा पार कराया है। इसके बदले आप मुझे भवसागर पार करा देना। केवट की भूमिका बालकृष्ण शर्मा ने निभाई। इससे पूर्व मंच का उद्घाटन पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि जायर हुसैन चांद, सुधीर कुमार जैन, महबूब अली, डॉ. दीपक, मरगूब आदि ने किया।
गागलहेड़ी की रामलीला में श्री राम वनवास की लीला का मंचन किया जाता है। मोहनलाल मेंहदीरत्ता, अरविंद गुप्ता, राजेश कपिल, महेंद्र धीमान, सुशांत, जसबीर यादव रहे।
बिहारीगढ़ के आंबेडकर पार्क में चल रही रामलीला के सातवें दिन राम वनवास की लीला का मंचन किया गया। कैकेयी का अभिनय कैलाश चंद व दशरथ का राजवीर सिंह ने किया। हनी कांबोज, सुशील सैनी, संजय गोयल, संदीप वर्मा ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। बृज किशोर गोयल, राज किशोर सैनी, त्रिलोक सिंह राठौर, संजय सैनी एडवोकेट, यशपाल प्रजापति, सुशील सैनी आदि रहे। संवाद
गंगोह की रामलीला का दृश्य- फोटो : SAHARANPUR