सरसावा नगर को हाईवे से जोड़ने वाला बाईपास
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर, सरसावा। कोरोना संक्रमण काल के कारण दो साल बाद आयोजित होने जा रही कांवड़ यात्रा इस बार पुलिस प्रशासन के लिए खासी चुनौती भरी साबित होगी। पुलिस को नवविकसित राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ते वाहनों के बीच पैदल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार करना खासी मुश्किल होगा।
जुलाई माह की 13 तारीख से श्रावण मास आरंभ हो जाएगा। इसी के साथ कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। इस बार पुलिस को नव विकसित राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पर भी निगेहबानी करनी पड़ेगी। नया राष्ट्रीय राजमार्ग आरंभ होने के बाद ये पहली कांवड़ यात्रा होगी जिस पर जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा आदि राज्यों के लाखों कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे। पुलिस के सामने चुनौती ये रहेगी कि हाईवे पर दौड़ते वाहनों के बीच गंगाजल लेने जा रहे कांवड़ियों के वाहनों तथा गंगाजल लेकर वापस आ रहे पैदल कांवड़ियों के लिए मार्ग किस प्रकार सुरक्षित किया जाए, साथ ही सामान्य आवागमन करने वाले वाहनों के साथ भी सामंजस्य बैठाना होगा। इन सबके बीच दुर्घटनारहित यात्रा संपन्न कराने के लिए पुलिस अभी से तैयारियों में जुटी है।
एसपी ट्रैफिक प्रेमचंद ने दो दिन पूर्व सरसावा नगर तथा हाईवे का निरीक्षण किया था। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि कांवड़ियों के वाहनों को सरसावा क्षेत्र से हरिद्वार की ओर सुरक्षित जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है, साथ ही पैदल कांवड़ियों के लिए भी हाईवे पर सुरक्षित गुजरने के लिए योजना तैयार की जा रही है। सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कांवड़ वाहनों के लिए टोल टैक्स बैरियर की एक लेन आने जाने के लिए मुक्त रहेगी। सरसावा क्षेत्र में आने वाले कांवड़ियों को हाईवे पर सुरक्षित आवागमन के लिए अलग रास्ता देने पर विचार किया जा रहा है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए यमुना नदी के किनारे काफी दूर तक बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। जिससे कोई भी व्यक्ति यमुना के घाट पर प्रवेश न कर सके।