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गुत्थी सुलझाने के बजाए उलझ गई पुलिस

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पुलिस लाइन में पकड़कर लाये गये ट्रेक्टर - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिलने के मामले में गुत्थी सुलझाने के बजाए पुलिस उलझ गई है। पुलिस न ही ट्रैक्टर स्वामियों को जानकारी दे पा रही है और न ही उस गिरोह का पता लगाई पाई, जो ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर बदलकर बेचने का कार्य कर रहा था, जबकि किसान ट्रैक्टरों के कागजात दिखा रहे हैं। वहीं, ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि ट्रैक्टर उनकी एजेंसियों से नहीं बेचे गए।
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बृहस्पतिवार को एसओजी ने जिले भर में थाना पुलिस की मदद से 32 ट्रैक्टर पकड़े थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को भी करीब 30 से अधिक ट्रैक्टर पकड़े गए हैं, जिनके चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है, लेकिन पुलिस चेसिस नंबर बदलकर ट्रैक्टर बेचने वाले गिरोह का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस ने कई बिंदुओं पर जांच की, लेकिन आरोपियों को पता नहीं लग पाया है।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
शुक्रवार को नानौता के किसान रामवीर सिंह, नदीम, बिहारीगढ़ से नौशाद, सरवर आदि पुलिस लाइन में अधिकारियों से अलग-अलग समय में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक किसानों ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे हैं। इनमें कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा है। यदि उन्हें ट्रैक्टर कंपनियों की एजेंसी गलत ट्रैक्टर बेच रही तो उनकी क्या गलती है। पुलिस को किसानों को पकड़ने के बजाए इस खेल में शामिल गिरोह को पकड़े। किसानों ने समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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शातिर गैंग हाथ होने की आशंका
ट्रैक्टरों के मामले में पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है। ट्रैक्टर स्वामी कागजात दिखा रहे हैं, जबकि ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के कर्मचारी व अधिकारी ट्रैक्टर उनकी एजेंसियों से नहीं बेचे जाने की बात कह रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कई दिशा में जांच की, लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। वहीं, आशंका जताई जा रही कंपनियों के कर्मचारियों की ओर से गड़बड़ी की गई है। इस मामले में बड़ा गैंग के शामिल होने की आशंका है।
पहले पुलिस लाइन में खड़े किए, फिर हटाए
पुलिस पकड़े गए ट्रैक्टरों को पुलिस लाइन में खड़ा किया था, लेकिन मामला उलझने के बाद ट्रैक्टरों को पुलिस लाइन से हटाकर अलग-अलग थानों और गोपनीय स्थान पर खड़े कराए हैं। ट्रैक्टर कहां रखे गए हैं, इसको लेकर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस लाइन में सिर्फ पांच से छह ट्रैक्टर मैदान के पास खडे़ किए गए है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। किस स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया है, उसका पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद मामले का खुलासा किया जाएगा। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। आरोपियों पकड़ने के लिए किसान पुलिस की मदद करें। ताकि जल्द आरोपी पकड़े जाएं। फिलहाल हर बिंदु पर जांच चल रही है। -राजेश कुमार, एसपी सिटी
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