मंडल में 21 जगह हुई पराली जलाने की घटनाएं
सहारनपुर। पराली जलाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंडल में पराली जलाने की 21 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 11 मामले सहारनपुर जिले में मिले हैं। जबकि शामली में आठ और मुजफ्फरनगर में दो मामले सामने आए हैं।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की गाइडलाइन पर प्रदेश सरकार ने यह अभियान चलाया हुआ है। अधिकारियों, कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है तो ग्राम प्रधान, बीडीसी को भी पराली जलाने से रोकने में सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई को लेकर शासन स्तर से समीक्षा भी की जा रही है। सेटेलाइट से भी पराली जलाने की घटनाएं पकड़ी जा रही हैं।
सहारनपुर मंडल के तहत सहारनपुर जिले में कुल 11 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें 10 मामलों में कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई वाले हैं। पराली जलाने से रोकने में लापरवाही पर 14 कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि पांच ग्राम प्रधान व अन्य और 11 किसानों के खिलाफ कार्रवाई हुई। पांच रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी हैं और 40 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा 25 क्विंटल पराली निराश्रित गोशाला में भिजवाई गई है।
इसके अलावा मुजफ्फरनगर में पराली जलाने की दो घटनाएं सामने आई, जिनमें दो कसिानों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जुर्माना कोई नहीं लगाया गया और न पराली गोशाला भिजवाई गई। वहीं, शामली जिले में आठ घटनाएं सामने आई, जिनमें एक कचरा जलाने की और एक गन्ने की पराली जलाने की घटना भी है। पांच कर्मियों और आठ किसानों के खिलाफ कार्रवाई कर 20 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
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फसल अवशेष जलाने से रोकने और अवशेष जलाने वालों पर कार्रवाई चल रही है। रोजाना इसकी समीक्षा की जा रही है। कार्रवाई के संबंध में शासन को अवगत कराया जा रहा है। -- संजय कुमार, मंडलायुक्त, सहारनपुर