सहारनपुर। सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब जिलेे भर में गुर्जर और राजपूत समाज के लोगों ने अपने अपने गांवों में बोर्ड लगा दिए हैं। उन पर राजपूत समाज ने सम्राट मिहिर भोज को राजपूत सम्राट लिखा है तो गुर्जर समाज ने इन्हें गुर्जर प्रतिहार लिखा है।
यह विवाद गौतमबुद्धनगर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा की स्थापना से शुरू हुआ, जिस पर पहले तो गुर्जर प्रतिहार लिखे जाने का विरोध करते हुए राजपूत समाज के लोगों ने प्रदर्शन तक किए। इसके बाद प्रतिमा का अनावरण हुआ तो उसमें से गुर्जर शब्द हटाए जाने पर गुर्जर समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। वहीं, 10 अक्तूबर को सपा मुखिया अखिलेश यादव की सहारनपुर के तीतरो में जनसभा हुई तो, उसमें अखिलेश यादव ने भी गुर्जरों की वकालत कर इस मुद्दे को हवा दे दी। अब स्थिति यह हो गई है कि जिस गांव में राजपूत समाज की बहुलता है, वहां सम्राट मिहिर भोज को राजपूत सम्राट लिखते हुए बोर्ड लगाए जा रहे हैं। ऐसे अधिकांश बोर्ड बड़गांव क्षेत्र के गांव शिमलाना, चंदपुर आदि में लग चुके हैं। उधर, सढ़ौली हरिया, मदनुकी, बहादरपुर, नशरतपुर, अहमदपुर, बुड्ढाखेड़ा गुर्जर आदि गांवों में गुर्जर समाज के लोगों ने बोर्ड लगा दिए हैं। उन पर सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर प्रतिहार लिखा गया है।
- गांव चंदपुर में राजपूत समाज के लोगों द्वारा लगाया गया बोर्ड- फोटो : SAHARANPUR
- ग्राम शिमलाना में राजपूत समाज के लोगों ने लगाया बोर्ड- फोटो : SAHARANPUR