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फिर नजर नहीं आए इमरान और दोनों विधायक

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सहारनपुर। पंजाब के मंत्री और विधायक लखीमपुर खीरी कूच करने को निकले, लेकिन सहारनपुर जिले के वरिष्ठ नेता इस आंदोलन से भी दूर रहे। राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद और विधायक नरेश सैनी व मसूद अख्तर भी शाहजहांपुर नहीं पहुंच सके। इसको लेकर बृहस्पतिवार को फिर सियासी चर्चा रही, लेकिन इमरान मसूद का दावा है कि पुलिस ने उन्हें सुबह से हाउस अरेस्ट किया हुआ था, जिस कारण वह घर से बाहर ही नहीं निकल सके। गौरतलब है कि एक दिन पहले जब महानगर में कांग्रेस नेताओं ने रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होकर गिरफ्तारी दी, उस आंदोलन से भी तीनों प्रमुख नेताओं ने दूरी बनाए रखी थी।
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स्थानीय नेताओं ने फूल माला से किया सिद्धू का स्वागत
सरसावा। पंजाब से लखीमपुर के लिए काफिला लेकर निकले नवजोत सिंह सिद्धू जब यूपी हरियाणा बॉर्डर के यमुना पुल पर पहुंचे तो सहारनपुर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जावेद साबरी सहित कई नेताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। नवजोत सिद्धू को फूल माला पहनाई और जमकर नारेबाजी की गई। इन नेताओं द्वारा आंदोलन में पूरी सक्रियता से हिस्सा लिया गया।
थाने में रात तक चलती रही वार्ता
सरसावा। शाहजहांपुर चौकी से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू सहित कैबिनेट मंत्री और विधायकों को सरसावा थाने लाया गया। वहां पर देर रात तक अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सभरवाल, डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारियों द्वारा नेताओं को समझाने का प्रयास चलता रहा। कांग्रेस नेता अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि या तो सभी लोगों को गिरफ्तार कर लो या फिर लखीमपुर खीरी जाने दो। किसानों पर लखीमपुर खीरी में जुल्म हुआ है, हम उन पीड़ित किसानों के परिवार से मिलने जाना चाहते हैं।
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समर्थकों के लिए चीनी मिल गेस्ट हाउस में व्यवस्था
सरसावा। कांग्रेस नेताओं से वार्ता होते होते रात हो गई। इसके चलते नवजोत सिंह सिद्धू के करीब 150 समर्थकों के लिए सरसावा चीनी मिल के गेस्ट हाउस में रुकने और भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। वहीं, बड़ी संख्या में समर्थक रात में भी यूपी हरियाणा सीमा पर शाहजहांपुर चौकी पर जमे रहे।
एक तरफ का यातायात हो गया पूरी तरह बंद
सरसावा। पंजाब से कांग्रेस नेताओं का काफिला काफी लंबा था। काफिले में सैकड़ों कारें शामिल थीं, जो यूपी हरियाणा सीमा की चौकी शाहजहांपुर से यमुना नदी के पुल पर दूसरी तरफ तक खड़ी रहीं। करीब साढ़े तीन बजे काफिला यहां पहुंच गया था। इसके बाद रात साढ़े सात बजे तक भी एक तरफ का यातायात पूरी तरह बंद रहा। इस कारण पुलिस ने डायवर्जन व्यवस्था बनाते हुए शाहजहांपुर गांव से यमुना पुल तक वन वे व्यवस्था लागू कर दी थी।
वर्जन --
पंजाब से आए नेताओं और उनके समर्थकों को यूपी-हरियाणा सीमा पर रोका गया है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि नेताओं को डिटेन किया है। उनसे वापस जाने के लिए वार्ता की जा रही है। -- राजीव सभरवाल, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन
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