जिला अस्पताल में टीका लगवाता व्यक्ति
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोविड वैक्सीन को लेकर शुरुआत में फैली अफवाहों और भ्रांतियों को दरकिनार कर हर वर्ग के लोग टीका लगवाने के लिए आगे आए हैं। इसका सबसे बड़ा सुबूत जनपद में लक्षित 29,21,232 लोगों में से 27,61,280 लोगों द्वारा अभी तक पहली खुराक लिया जाना है। इस अभियान में एक ओर जहां शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रही है, वहीं धर्म गुरु और सामाजिक संगठनों ने भी खासी सक्रियता दिखाई। कोविड वैक्सीन को लेकर जनपद में कई तरह की भ्रांतियों लोगों के मन में थीं। यही वजह थी कि महानगर के मुस्लिम क्षेत्रों में टीकाकरण बेहद कम था, लेकिन शासन के आदेश पर प्रशासन सभी सरकारी विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ जोड़कर मुहिम चलाई। इसमें धर्म गुरुओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को जोड़कर अभियान को सफल बनाने के लिए कदम उठाए गए। धर्म गुरुओं ने अपने अपने स्तर से समाज से टीका लगवाने की अपील की। नगर निगम में लगे शिविर में पहुंचकर धर्म गुरुओं ने खुद टीका लगवाकर समाज को टीके के प्रति संदेश देने का काम किया। नतीजा यह हुआ कि महानगर के मुस्लिम क्षेत्रों में भी टीकाकरण तेजी से हुआ। जिले में लक्ष्य के नजदीक तक टीकाकरण होना इस बात का सुबूत है कि हर वर्ग के लोगों ने टीका लगवाया है। वर्तमान में 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग के टीके पर जोर है। टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए स्कूलों को जरिया बनाया गया है, जहां शिविर लगाकर इन आयु वर्गों के किशोरों को टीका लगवाया जा रहा है। ज्यादातर स्कूलों में 90 से 95 फीसदी तक टीकाकरण होना भी यह दर्शाता है कि हर वर्ग से आने वाले छात्र टीका लगवा रहे हैं।
धर्म गुरुओं की बात
-मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि कोविड वैक्सीन का टीका कोरोना से बचाव के लिए है। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में ही टीका लगवा चुके थे। उसके बाद से लोगों से टीका लगवाने की अपील करते आ रहे हैं। नतीजा यह रहा कि लोग टीका लगवाने के लिए खुद केंद्रों तक पहुंचे। अब 12 वर्ष से अधिक वालों को भी टीका लग रहा है, जिसके लिए भी लोगों से लगातार अपील की जा रही है।
-राधा विहार स्थित श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि वह अपने सभी धार्मिक आयोजनों में पहुंचने वाले लोगों को धर्म का मार्ग दिखाने के साथ ही टीके के लिए भी प्रेरित करते रहे हैं। उनके संपर्क के सभी लोग टीका लगवा चुके हैं और अब 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग के अपने बच्चों को भी टीका लगवा रहे हैं।
स्कूलों ने निभाई अहम भूमिका
-स्किल्ड ग्लोबिजंस स्कूल की प्रधानाचार्य रुचि गुप्ता ने बताया कि कोरोना बीमारी एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाली बीमारी है। ऐसे में उन्होंने न केवल 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग के छात्र और छात्राओं को टीका लगवाया है, बल्कि उनसे अपने अभिभावकों को भी टीके लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
-स्प्रिंग बेल्स स्कूल की प्रधानाचार्य अलका कुमार का कहना है कि 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों को टीका लगवाने में स्कूलों का बड़ा रोल रहा है। अब हम 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को टीका लगवाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित कर रहे हैं। क्योंकि उनकी मर्जी के बिना यह संभव नहीं है।
जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिये लाइन में लगे लोग- फोटो : SAHARANPUR