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वर्ष 2027 तक सहारनपुर के मलेरिया मुक्त होने की उम्मीद

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वर्ष 2027 तक सहारनपुर के मलेरिया मुक्त होने की उम्मीद
बीते वर्ष ढाई लाख मरीजों की जांच में से मात्र नौ लोगों में आया था मलेरिया
विश्व मलेरिया दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छर के काटने से होती है। मलेरिया के इलाज में बरती गई लापरवाही मरीज की जिंदगी पर भारी भी पड़ सकती है। लेकिन सहारनपुर वासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि सहारनपुर अगले पांच साल में मलेरिया से मुक्त होने जा रहा है।
मलेरिया का मच्छर सबसे अधिक गंदगी और नालियों में पनपता है। मलेरिया के मच्छर के लार्वा के खात्मे के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाता है। बीते करीब पांच वर्ष में सहारनपुर और बुलंदशहर ने मलेरिया पर नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य किया है। यही वजह है कि इन जनपदों को 2027 तक मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मलेरिया नियंत्रित हो रहा है इसका उदाहरण बीते वर्ष के आंकड़े हैं। वर्ष 2021 में जनपद में डेंगू के अनेक मामले सामने आए थे। कई मरीजों की जान भी चली गई थी, लेकिन चिकित्सा विभाग द्वारा की गई ढाई लाख संदिग्ध मरीजों की जांच में मात्र नौ में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। चिकित्सा विभाग को भरोसा है कि नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के सहयोग से इस बार वह मलेरिया को और नियंत्रित करने में कामयाब रहेंगे।
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ये हो सकते हैं मलेरिया के दुष्प्रभाव
- मलेरिया में प्लेटलेट्स कम हो जाती है।
- गुर्दे फेल हो सकते हैं।
- एनीमिया हो सकता है।
- सांस फूल सकती है।
- शरीर में पानी और सोडियम की कमी हो जाती है।
- जिगर पर असर डालकर पीलिया कर देता है।
ऐसे करें बचाव
- मच्छरों से बचने के लिए उपकरणों का उपयोग करें।
- घर के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
- नालियों में इंसेक्टीसाइड दवा का छिड़काव करें।
- घर के आसपास जमा पानी में दो-तीन चम्मच मिट्टी का तेल डालें।
- कूलर में पानी लंबे समय तक न भरकर रखें।
- छत पर पड़े टायरों और बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें।
मच्छरों की रेसिस्टेंट पॉवर बढ़ी, फॉगिंग बेअसर
मच्छरों के खात्मे के लिए फॉगिंग अभियान चलाए जा रहा है, जिस पर प्रतिदिन हजारों रुपया खर्च हो रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि मच्छरों पर फॉगिंग का कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है। मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन एवं पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस सोढी ने बताया कि मच्छरों ने अपनी रेसिस्टेंट पॉवर बढ़ा ली है, जिसकी वजह से फॉगिंग आदि का असर उन पर कम हो रहा है।
निगम ने तैयार किया मास्टर प्लान : डॉ. कुनाल
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन का कहना है कि मच्छरों के खात्मे के लिए नगर निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत ही महानगर में फॉगिंग और एंटीलार्वा के छिड़काव व सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। रोस्टर बनाकर प्रतिदिन दस वार्डों में फॉगिंग की जा रही है। फॉगिंग में प्रतिदिन दस बड़े वाहन और दस बाइक काम कर रही हैं। इसी तरह रोस्टर के अनुसार ही एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है।
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मलेरिया पर नियंत्रण के लिए सहारनपुर बीते कई वर्षों से बेहतर कार्य कर रहा है। ऐसे में सहारनपुर को 2027 तक मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। बीते वर्ष डेंगू के मामले भले ही अधिक आए थे, लेकिन ढाई लाख लोगों की जांच में केवल नौ की मलेरिया रिपोर्ट पॉजिटिव रही थी। मलेरिया की जांच किट 12 महीने उपलब्ध रहती हैं। वर्तमान में हजारों किट और दवा भी उपलब्ध। - शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
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