जिले के बरसी गांव में ग्रामीण नहीं करते हैं होलिका दहन
ब्रज जैसे गांव बरसी में होलिका दहन नहीं होता। मान्यता है कि गांव के महाभारतकालीन ऐतिहासिक मंदिर में महादेव का वास है। इसलिए जब होलिका दहन किया जाता है तो भगवान के पैर झुलस जाते हैं।
तीतरों के गांव बरसी में भगवान शिव का ऐतिहासिक मंदिर है। किवदंती है कि महाभारत काल में बरसी गांव में एक बार होलिका दहन किया गया था, जिसके बाद भगवान शिव के पैर झुलस गए थे। होली पर्व को लेकर ग्रामीणों के मन में अनेक धारणाएं हैं। इनके कारण गांव में होली पर्व के पूजन से ग्रामीणों को कोई सरोकार नहीं है।
कहा जाता है कि सदियों पहले किसी बुजुर्ग के स्वप्न में भगवान शंकर ने यह चेतावनी दी थी कि होलिका दहन से उनको कष्ट होता है। इसलिए गांव में होलिका दहन नहीं होना चाहिए। पूर्वजों ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस पर्व का ही त्याग कर दिया।