फतेहपुर सीएचसी में माक ड्रिल के दौरान चिकित्सीय स्टाफ
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सरसावा (सहारनपुर)। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी और ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट तो पास हो गए, लेकिन लिफ्ट एक बार फिर धोखा दे गई। प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी लिफ्ट लगाने वाली कंपनी पर कार्रवाई के लिए पत्र लिख चुके हैं।
मंगलवार को हुई रिहर्सल के दौरान सबसे अधिक फोकस ऑक्सीजन की उपलब्धता तथा उत्पादन एवं संचालन पर रहा। डॉ. आनंद किशोर की निगरानी में हुई रिहर्सल के दौरान सांकेतिक रूप से एक मरीज को कोविड वार्ड से करीब 10 किलोमीटर की दूरी से एंबुलेंस 25 मिनट में लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। मरीज को एंबुलेंस से उतारकर स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वार्ड ले गए, जहां मात्र छह मिनट में सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए इलाज शुरू कर दिया गया। नर्स द्वारा मरीज को वेंटीलेटर लगाया गया। करीब पांच घंटे तक तीनों ऑक्सीजन संयंत्र चलाकर जांचे गए। साथ ही तीनों संयंत्रों को बिजली तथा उसके बाद जेनरेटर तथा फिर से बिजली पर चलाया गया। इसके साथ ही संयंत्र में ऑक्सीजन के दबाव तथा वार्ड में पहुंचने के उपरांत फिर से ऑक्सीजन के दबाव को जांचा गया। उधर, एक बार फिर से रिहर्सल के दौरान लिफ्ट नहीं चल पाई। रिहर्सल के दौरान प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी, डॉ. वोहरा, डॉ. नवाब सिंह, डॉ. सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
ऑक्सीजन प्लांट को परखा।
रामपुर मनिहारान। सीएचसी रामपुर मनिहारान में लगाए गए ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट को परखने के लिए रिहर्सल हुई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय यादव ने ऑक्सीजन प्लांट को सही पाया। सीएचसी प्रभारी डॉ. अजीत राठी, वरिष्ठ फार्मासिस्ट वासुदेव नौटियाल, डॉ. रमाकांत कुशवाह, अनंगपाल, डॉ. विपिन सैनी, जबर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, फतेहपुर सीएचसी पर एसीएमओ डॉ. सुनील वर्मा की देखरेख में सफल रिहर्सल हुआ। ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट ने ठीक से काम किया। इस मौके पर डॉ. संजीव, डॉ. सुमित, स्टाफ नर्स प्रियंका नेल्सन आदि मौजूद रहे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन का दबाव देखते चिकित्सक- फोटो : SAHARANPUR