सहारनपुर। पुलिस ने खनन माफिया पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 125 और बेनामी संपत्ति कुर्क कर ली है। कुुर्क की गई संपत्ति की कीमत 107 करोड़ रुपये बताई गई है। गैंगस्टर एक्ट 14(1) के अंतर्गत कुर्क की गई करीब 1350 बीघा जमीन पर पुलिस ने राजस्व विभाग की टीम के साथ कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जब्त की गई संपत्ति में मिर्जापुर में स्थित हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी की भी जमीन है, जिसे उसने फर्जी तरीके से ट्रस्ट के नाम कराया था। पुलिस अभी तक हाजी इकबाल की 174 बेनामी संपत्तियों को जब्त कर चुकी है, जिसकी कीमत 128 करोड़ रुपये बनाई गई है।
दो सप्ताह पहले ही पुलिस ने उनकी 21 करोड़ की करीब 50 संपत्ति कुर्क कर राजस्व विभाग के जरिए कब्जे में ली थी। यह बेनामी संपत्ति उसने अपने नौकर नसीम के नाम कर रखी थी। जिसमें 600 बीघा जमीन भी शामिल थी। नौकर के नाम अभी तीन चीनी मिल भी है, जिनको कुर्क करने की प्रक्रिया में पुलिस लगी है।
हाजी इकबाल ने अवैध खनन से करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा किया। हजारों बीघा बेनामी जमीन अपने रिश्तेदारों और नौकरों के नाम कराई है। धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन के पट्टे की भूमि को अपने एजुकेशन ट्रस्ट के नाम करा दी। जिनके मुकदमे हाजी इकबाल, उसके भाई हाजी महमूद अली और बेटों के नाम दर्ज हैं। खनन माफिया का काला चिट्ठा खोलने के लिए एसएसपी आकाश तोमर ने हाजी इकबाल एसोसिएट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। अप्रैल माह में हाजी इकबाल उसके चारों बेटों और नौकर नसीम आदि के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। पुलिस उसके नौकर नसीम और छोटे बेटे अलीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गैंगस्टर एक्ट में ही पुलिस अब उसकी करोड़ों की बेनामी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर रही है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि डीएम के आदेश पर अब पुलिस ने हाजी इकबाल की मिर्जापुर क्षेत्र में 107 करोड़ की कीमत की 125 बेनामी संपत्तियों को कुर्क किया है। एसपी देहात सूरज राय के नेतृत्व में पुलिस ने राजस्व विभाग की टीम के साथ करीब 1350 बीघा इस जमीन पर कब्जे लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
थाना मिर्जापुर से बोर्ड ले जाता तहसील कर्मी- फोटो : SAHARANPUR
गांव शाहपुर गाडा में आम के बाग में बोर्ड लगाने पहुंची टीम- फोटो : SAHARANPUR