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हाजी इकबाल और बेटों को गैंगस्टर एक्ट में ही राहत

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सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके बेटों को मिर्जापुर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में ही कुछ राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इस मामले में दो माह तक उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है, यानि पुलिस इस मुकदमे में हाजी इकबाल और उनके बाकी तीन बेटों को गिरफ्तार नहीं कर सकती और न ही कोर्ट से इस मुकदमे में नोटिस जारी करा सकती है, मगर अन्य मुकदमों में पुलिस इनकी गिरफ्तारी कर सकती है।
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मिर्जापुर थाने में पुलिस की ओर से हाजी इकबाल और उसके चोरों बेटों के अलावा नौकर नसीम आदि के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। गैंगस्टर एक्ट के तहत ही पुलिस प्रशासन हाजी इकबाल और उनके नौकर नसीम समेत अन्य लोगों के नाम की गई 174 बेनामी संपत्ति कुर्क कर उन पर कब्जा कर चुकी है। ये बेनामी संपत्ति 128 करोड़ की बताई गई है। पुलिस हाजी इकबाल के नौकर नसीम और बेटे अलीशान को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गैंगस्टर एक्ट के इसी मुकदमे के खिलाफ हाजी इकबाल और उनके बेटों की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी] साथ ही हाईकोर्ट ने उन्हें गैंगस्टर कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन दाखिल करने भी स्वतंत्रता दी है। इसके साथ ही उनके खिलाफ दो माह तक इस मुकदमे में दंडात्मक कार्रवाई पर भी रोक लगाई है।
सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पुंडीर ने बताया कि पुलिस गैंगस्टर एक्ट के इस मुकदमे में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकती और न ही कोर्ट से कोई नोटिस जारी करा सकती है, मगर यदि आरोपी अन्य मुकदमों में वांछित है, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर सकती है। उधर, एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि हाजी इकबाल और उनके बेटे गैंगस्टर एक्ट के अलावा अन्य कई मामलों में वांछित हैं, उन मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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हाईकोर्ट में अपील की जाएगी
सहारनपुर। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने हाजी इकबाल और उनके बेटों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में दो माह तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। इस संबंध में एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के निर्णय को लेकर शासन की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी।
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