सहारनपुर। सहंसरा नदी के तट पर सोमवार को खंड विकास अधिकारी सीपी सिंह और गंगा विचार मंच के संयोजक डॉ. उमर सैफ के संयुक्त नेतृत्व में सहन्सरा बेसिन संसद ने गंगा - सहंसरा उत्सव मनाया। गंगा की सहायक नदी सहंसरा के तट पर गंगा उत्सव की शुरूआत की गई। यह उत्सव तीन दिन चलेगा।
कार्यक्रम में डॉ. उमर सैफ ने कहा कि मां गंगा को बचाने के लिए उसकी समस्त सहायक नदियों की पुन:रचना करनी होगी। इसके लिए सभी वर्गों के प्रयास जरूरी है। ग्राम सभा कोठरी बहलोलपुर में मौजूद सहंसरा नदी गंगा के जलागम क्षेत्र की प्रथम नदी है और गंगा ग्राम कोठरी बहलोलपुर प्रथम ग्राम है। गंगा के कुछ उद्गम स्थल शिवालिक की पहाड़ियों से शुरू होते हैं, इनमें से सहंसरा नदी की रचना करने वाली छोटी धाराएं भी है। राष्ट्रीय स्तर पर सभी का एक आधार कोड दिया गया है।
खंड विकास अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि हमें गंगा को बचाने के लिए मन से प्रयास करने होंगे। यह कार्य आस्था स्वरूप करना होगा। नदी के पुन:जीवन हेतु धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान सहंसरा नदी के किनारों पर मानव श्रंखला बनाई गई। सेल्फी विद सहंसरा के तहत सबने फोटो खींची और शपथ ली। रंगोली एवं अन्य कार्यक्रम भी किए। वहीं, जिले भर में यमुना नदी, हिंडन, सलोनी, नागदेयी और शाकंभरी बरसाती नदी के तट पर भी कार्यक्रम हुए। यहां दीपोत्सव मनाया गया।