सहारनपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सहारनपुर दौरे में मंच और भाषण से ज्यादा अहमियत बंद हॉल के मंथन को मिली। अंबाला रोड स्थित रिसॉर्ट में नवीन ने पहले पश्चिमी यूपी के करीब 60 पूर्व जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक की। इसके बाद मौजूदा पदाधिकारियों के साथ अलग बैठक कर 2027 की तैयारियों का फीडबैक लिया। पश्चिमी यूपी की 71 विधानसभा सीटों को लेकर भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों के बीच सहारनपुर में हुई यह कवायद पुराने अनुभव और नई टीम के बीच तालमेल बैठाने की रही।
दोपहर 12:10 बजे पहली बैठक शुरू हुई। बैठक में नवीन ने केवल परिचय तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पूर्व नेताओं के अनुभव, संगठन में आपसी तालमेल और चुनावी तैयारियों को लेकर सुझाव लिए। 2027 के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए, इस पर भी कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। इसी दौरान नवीन ने संगठन के भीतर मतभेदों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिवार में मतभेद होते रहते हैं, भाजपा आपका परिवार है और कोई भी मतभेद बाहर नहीं पहुंचना चाहिए। यानी पुराने नेताओं को साथ लेकर चलने और उनके अनुभव का चुनावी इस्तेमाल करने पर जोर रहा। अमरोहा और बुलंदशहर से पहुंचे पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अनुसूचित और जाटव समाज को टिकट में हिस्सेदारी की बात रखीं।
इसके बाद 2 बजे शुरू दूसरी बैठक करीब 20 मिनट चली, जिसमें मौजूदा पदाधिकारी शामिल हुए। यहां चर्चा का फोकस संगठन की वर्तमान स्थिति और 2027 की चुनावी तैयारियों पर रहा। बैठक में संभावित टिकट दावेदारों की सक्रियता और उनकी स्थिति का भी फीडबैक लिया गया। यह बैठक संगठनात्मक समीक्षा के साथ-साथ आगामी चुनाव में पार्टी के संभावित समीकरणों को समझने की कवायद भी रही।
बैठकों के बाद नवीन ओजपुरा पहुंचे। यहां रविदास मंदिर में पूजन किया और फिर अनुसूचित समाज के कार्यकर्ता के घर भोजन किया। संगठन की बैठकों से लेकर सामाजिक संपर्क तक कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा में चुनावी संगठन के साथ सामाजिक पहुंच का संदेश भी नजर आया।