सहारनपुर। जिले में नर्सरी का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। जनपद में पंजीकृत 69 नर्सरियां करीब 125 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार कर रही हैं। इनमें तैयार पौधे दिल्ली से लेकर पश्चिमी बंगाल तक सप्लाई हो रहे हैं।
जनपद में नर्सरी का कारोबार लगातार विकसित हो रहा है। यहां पर फल, फूलों से लेकर शोभाकारी और इमारती पौधों की नर्सरियां स्थापित हैं। यहां की नर्सरियों से पौधे उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और पश्चिमी बंगाल आदि प्रदेशों में सप्लाई किए जाते हैं। जनपद की नर्सरियों में तैयार पौधों की दूसरे राज्यों में काफी मांग है। इनमें अमरूद, आम, जामुन, लीची, नींबू, आडू़, बादाम, शहतूत, नाशपाती, चीकू, पलम, बेर आदि फलदार पौधे शामिल हैं। इनके अलावा बोतल पाम, पोस्टल पाम, इरेका पाम, सिल्वर ओक, बरगद, पिलखन, तून, गुलमोहर, कचनार, शीशम, साइकस, सागौन डेक आदि के पौधे भी बाहर सप्लाई किए जाते हैं। पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए जनपद नर्सरियों का हब बनता जा रहा है।
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जनपद की नर्सरियों में तैयार पौधों की देश भर में काफी मांग है। यहां की 69 नर्सरियों का वार्षिक कारोबार करीब 125 करोड़ रुपये का है। - गमपाल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।