उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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सहारनपुर जनपद में मेला गुघाल के सांस्कृतिक कार्यक्रम मऊ की श्रृंखला में रविवार की रात जन मंच प्रेक्षाग्रह में देवभूमि संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रहे।
उन्होंने मेला गुघाल का जिक्र करते हुए मेलो को संस्कृति को बचाने का जरिया बताया। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय बोलिया को बचाने की अपील की। उनका कहना था कि बिना बोली के भाषएं समृद्ध नहीं हो सकती।
गौरैया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में गोरिया को बचाने की मुहिम चल रही है लेकिन पहाड़ी क्षेत्र के लेखकों ने कई दशक पहले अपनी रचनाओं और कविताओं के माध्यम से गोरिया को बचाने का बीड़ा उठाया हुआ है।