सरसावा स्थित यमुना नदी में बढ़ा जलस्तर
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सरसावा। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात का असर यमुना नदी में भी साफ नजर आ रहा है। दोपहर के समय हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से शाम के समय यमुना के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हो गई तथा यमुना के सभी पाट पानी से लबालब हो गए।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात ने मैदानी इलाकों में बह रही नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बुधवार को दोपहर के समय हथिनीकुंड बैराज में जलस्तर बढ़ने के कारण डेढ़ लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। जो शाम के समय सरसावा क्षेत्र में बह रही यमुना नदी में आ पहुंचा। जिसके कारण यमुना का जलस्तर काफी बढ़ गया और यमुना के सभी पाट लबालब हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जब यमुना में बढ़े हुए जलस्तर को देखने आए तो उन्होंने पानी में मृत गोवंशों को भी बहते हुए देखा। वहीं यमुना के बढ़े जलस्तर के कारण तटवर्ती गांव शाहजहांपुर, हैदरपुर, झरौली, चौरी मंडी, ढिक्का, मंधोर, अपलाना, कुतुबपुर आदि में बाढ़ की आशंका व्याप्त हो गई है। हालांकि ग्रामीणों ने कहा कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात रुक जाती है तो हथिनी कुंड से पानी नहीं छोड़ा जाएगा, साथ ही वर्तमान में यमुना में बह रहा पानी भी आगे बढ़ जाएगा जिससे जलस्तर घट जाएगा। यदि बरसात जारी रही तो फिर यमुना के तटवर्ती ग्रामीणों के लिए संकट खड़ा हो सकता है।