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Saharanpur News: अफसरों की लोकेशन लीक कर निकलवाते थे अवैध खनिज वाहन, 20 पर प्राथमिकी

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- याराना और सरकार नाम से बनाए व्हाट्सएप ग्रुप, खान निरीक्षक ने कराई प्राथमिकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बेहट। यमुना क्षेत्र में अवैध खनन व खनिज के परिवहन के खेल में अधिकारियों की चेकिंग से बचने के लिए नेटवर्क चलाए जाने के आरोप में खान निरीक्षक अभिलाष चौबे की ओर से बेहट कोतवाली में 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

दर्ज कराई गई प्राथमिकी में खान निरीक्षक का कहना है, कि गोपनीय सूचना के आधार पर खनन विभाग को पता चला है, कि अवैध खनन व खनिज के अवैध परिवहन से जुड़े लोगों ने याराना और सरकार नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। इनमें खनन कारोबारियों, ट्रक मालिकों व वाहन चालकों को जोड़ा गया है। आरोप है, कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को खनन से जुड़े वाहनों की चेकिंग करते देख ग्रुप में तत्काल सूचना साझा कर दी जाती थी, ताकि अवैध परिवहन में लगे वाहन कार्रवाई से बच सकें। इस गतिविधि के एवज में अवैध वसूली की जा रही है। अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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- ये लोग किए गए नामजद



प्राथमिकी में रजत लाला निवासी गंदेवड़, मोहम्मद मुशारिक, इखलाक व जाबिर निवासी लोदीपुर, गुफरान व बिट्टू निवासी धौलरा, अश्वनी शर्मा निवासी कवादपुर, शहजाद निवासी बिजोपुरा, शोभान निवासी दूधगढ़, गालिब, अंकुश व दिलशाद निवासी नानौली, अभिषेक उर्फ दीपक निवासी असलमपुर बरथा, सागर काम्बोज निवासी कम्बोहमजरा, रवित गुर्जर निवासी लतीफपुर भूड़, विकास कुमार निवासी साढ़ौली भूड़, पवन निवासी टटौहल, शहजाद निवासी ताजपुरा तथा जब्बार निवासी बिजोपुरा के नाम शामिल हैं। शोभान व रजत लाला निवासी गंदेवड़ व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन बताए गए हैं। आरोप है, कि नेटवर्क में शामिल लोग अलग-अलग भूमिकाओं में अवैध खनन व खनिज के अवैध परिवहन से जुड़े हैं।
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