सहारनपुर। शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव टपरी खुर्द में इन दिनों बुखार का प्रकोप है। चार दिन पहले एक किशोरी की मौत हो चुकी है, जिसकी वजह भी बुखार बताया जा रहा है। आलम यह है कि प्रत्येक घर में बुखार के मरीज है। एक परिवार के आठ सदस्यों में से छह को बुखार है। ऐसी स्थिति में एक तो बीमारी और दूसरी ओर इलाज का खर्च लोगों की कमर तोड़ रहा है।
जनपद में इस बार बुखार खासकर डेंगू का पहला मरीज गांव टपरी कलां में मिला था। करीब एक माह पहले टपरी कलां में बुखार का प्रकोप था। अपर निदेशक स्वास्थ्य, सीएमओ और जिला मलेरिया अधिकारी तक ने गांव का दौरा किया था। साथ ही कैंप लगाए गए थे। अब टपरी कलां के बगल के गांव टपरी खुर्द में बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 15 दिन से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। अनेक मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि अब भी बड़ी संख्या में लोग बुखार की जकड़ में हैं। सक्षम लोग प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज करा रहे हैं, मगर गरीब लोग सरकारी अस्पताल और छोटे डॉक्टरों पर निर्भर हैं। बीते दिनों एक किशोरी की जान भी चली गई है, जिसकी वजह बुखार रहा है। ग्रामीणों ने गांव में चिकित्सा विभाग का कैंप लगवाकर लोगों की जांच कराने और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
गांव में गंदगी, नहीं होती फॉगिंग
टपरी खुर्द में नियमित रूप से सफाई नहीं होने की वजह से गंदगी है। नालियों में कीचड़ जमा है, जबकि गलियों में कूड़े के ढेर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पहले फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ था। तब से कुछ नहीं हुआ है।
नमूने लेकर गई टीम अभी तक नहीं लौटी
ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह भर पहले चिकित्सा विभाग की टीम गांव में कैंप करने पहुंची थी। बुखार से ग्रसित मरीजों के नमूने लिए गए थे। जांच में क्या निकला, इसकी कोई जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कैंप में उन्होंने बच्चों के लिए बुखार की दवा मांगी तो दवा नहीं होने की बात कहते हुए मना कर दिया गया।
ग्रामीणों की बात
- ग्रामीण अरशद ने बताया कि गांव के हर घर में बुखार है। आर्थिक तंगी के कारण लोग ठीक से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में वह गांव के छोटे डॉक्टरों पर निर्भर हैं।
- राजपाल सिंह ने बताया कि उनके परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से छह लोगों को बुखार है। घर में खाना बनाने तक की तंगी है। छह लोगों के इलाज की जिम्मेदारी उन पर आन पड़ी है। ऐसे में वह किसे-किसे डॉक्टर को दिखाएं।
- सुभाष ने बताया कि सप्ताह भर पहले गांव में कैंप लगाया गया। जांच के लिए नमूने लिए गए थे, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उनका आरोप है कि टीम के पास दवाएं तक नहीं थी। ऐसे में कैसा कैंप लगाया पता नहीं।
टपरी खुर्द में बुखार के फैलने की जानकारी नहीं है। ब्लॉक स्तर पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर जल्द ही गांव में शिविर लगाया जाएगा। जरूरत के हिसाब से लोगों की जांच कर दवा वितरित कराई जाएगी।
- शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
ग्रामीण अरशद।- फोटो : SAHARANPUR
ग्रामीण सुभाष।- फोटो : SAHARANPUR
टपरी कलां का कच्चा मार्ग।- फोटो : SAHARANPUR