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कम नहीं हो रहा बुखार का सितम, कईं लोगों की बुखार से मौत

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सहारनपुर/बड़गांव। बड़गांव क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में बुखार का सितम बना हुआ है। कई गांव ऐसे हैं, जहां हर घर में बुखार का मरीज है। अभी तक पांच लोगों की मौत भी बुखार से हो चुकी है। ऐसी स्थिति में बुखार से ग्रसित मरीजों और परिजनों में दहशत बनी हुई है। लोग चिकित्सा विभाग से इलाज की गुहार लगा रहे हैं।
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गांव बेहड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां एक मासूम बच्ची सहित चार लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। हर घर में बुखार के कई-कई मरीज हैं, जिसकी वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव और निजी चिकित्सकों के यहां रोगियों की भीड़ है। पहली मौत बीते मंगलवार को सुरेशो पत्नी ईलमचंद की हुई। इसी के साथ शुरू हुआ बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं रहा है। मंगलवार को ही गांव में सत्यवती पत्नी भंवर सिंह को बुखार आया था, जिसने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद नवल सिंह पुत्र मुकंदा और एक मासूम बच्ची की मौत भी बुखार के चलते हो चुकी है। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराई गई है। गांव सहजी में शेर मोहम्मद नाम के व्यक्ति की बुखार के चलते मौत हो चुकी है। वर्तमान में करीब दो दर्जन लोग बुखार की चपेट में हैं। जिनमें ग्राम प्रधान पति उस्मान, आंगनबाड़ी सुमित्रा, पंकज, ज्ञान सिंह, महेंद्र, धर्मकली आदि भी शामिल हैं। उधर, गांव मियानगी, भटपुरा, जड़ौदा पांडा, शिमलाना, दल्हेड़ी, नयागांव, उमरी मजबता आदि में भी 70 फीसदी आबादी बुखार से ग्रसित है।
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स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
क्षेत्र के जड़ौदा पांडा के मजरे जयपुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मात्र एक चिकित्सक तैनात है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबेहटा चांद फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
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जनप्रतिनिधियों का पक्ष
-- गांव बेहड़ा के प्रधान रमेश कश्यप ने बताया कि गांव में एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग के बाद भी बुखार कम नहीं हो रहा है। प्रत्येक घर में बुखार के कई मरीज हैं, जिसकी वजह से लोग परेशान हैं।
-- अंबेहटा चांद के प्रधान ठाकुर विशाल राणा का कहना है कि बुखार की वजह से जनता परेशान है। गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कोई लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है।
--गांव महेशपुर के प्रधान कमल राणा का आरोप है कि लोग बुखार से परेशान हैं। चिकित्सा विभाग का कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। गरीब लोग अपने स्तर से अप्रशिक्षित डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
----- वर्जन
प्रभारी चिकित्साधिकारी रामपुर मनिहारान डॉ. अजीत राठी का कहना है कि जहां भी बुखार की शिकायतें मिल रही हैं। वहां शिविर लगवाकर लोगों की जांच कराई जा रही है और जरूर दवाएं भी दी जा रही हैं।
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