नागल। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अवैध कट बंद करने पहुंची एनएचएआई की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के बुलडोजर लेकर पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान मौके पर एकत्र हो गए और कट बंद करने से पहले सर्विस रोड बनाने की मांग उठाई। टीम बिना कट बंद किए लौट गई।
किसानों का कहना था कि कट बंद होने से खेतों तक पहुंचने और गन्ने की फसल को बाहर निकालने में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पूर्व में भी उन्होंने अधिकारियों के समक्ष सर्विस रोड बनवाने की मांग रखी थी। उस समय उनकी मांग पर सहमति जताते हुए करीब 11 किलोमीटर सर्विस रोड बनाए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद दो दिन बाद जेसीबी भेजकर काम शुरू कराने की कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन सर्विस रोड का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
किसानों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में वह एसडीएम को भी पूर्व में शिकायती पत्र दे चुके हैं। किसानों ने मांग की कि पहले सर्विस रोड का निर्माण कराया जाए, इसके बाद ही कट बंद किया जाए, ताकि खेती-किसानी के काम में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। मौके पर किसानों और अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। सूचना पर थाना प्रभारी राधेश्याम यादव भी मौके पर पहुंचे और मध्यस्थता करते हुए किसानों को समझाकर शांत कराया। एनएचएआई की टीम बिना कट बंद किए लौट गई। इस दौरान किसान रजत चौधरी, ओमवीर, मोहित चौधरी, पदम सिंह, अफजाल, जुनैद, नितिन, पहल सिंह, शंभू, आशू, अजब सिंह, रफल सिंह, मोहित आदि मौजूद रहे।
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हादसों को रोकने के लिए अवैध कट बंद किए जा रहे हैं, लेकिन अभी केवल होटल रेस्टोरेंट के सामने के कट बंद किए जा रहे हैं। किसानों के खेतों के रास्ते खुले हैं। सर्विस रोड के लिए आरओ ऑफिस को प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। बजट मंजूर होते ही सर्विस रोड बना दी जाएगी।
- रजनीश कुमार, सलाहकार, एनएचएआई