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कृषि कानूनों की वापिस की घोषणा पर किसानों ने बांटी मिठाईयां

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बिहारीगढ़ में एक दूसरे को मिठाई खिलाते भाकियू तोमर से जुड़े किसान - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बाद जिले में किसानों ने खुशी जताते हुए इसे आंदोलन की जीत बताया। किसानों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराते हुए खुशी मनाई।
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नानौता में भारतीय किसान संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह ने प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को किसानों की जीत बताया। उन्होंने कहा अब सरकार आगे एमएसपी पर कानून बनाए और भविष्य में किसानों के संबंध में बनने जा रहे किसी भी कानून के लिए किसानों की राय अवश्य लें। सुधीर त्यागी, जवाहर सिंह, तरसेम सिंह, पंकज सिंह, सुनील त्यागी, संजय त्यागी, विकास शास्त्री, समय सिंह, हरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, महेश त्यागी, रविंद्र कुमार, डॉ. तौफिक रहे। तीतरो क्षेत्र के ग्राम महंगी में सिख समुदाय के किसानों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। जसवीर सिंह, सतनाम सिंह, परविंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, परमजीत सिंह रहे।
रामपुर मनिहारान में भाकियू (अ) के युवा राष्ट्रीय महासचिव नीरज चौधरी ने कहा कि किसानों के लंबे संघर्ष का परिणाम पीएम की घोषणा है। हालांकि देश के किसान को पीएम की कथनी पर विश्वास नहीं किसान को लिखित में गारंटी चाहिए। भाकियू के पूर्व मंडल महासचिव चौधरी जगपाल के आवास पर किसानों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। अंबेहटा के गांव नल्हेड़ा में भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सुरेन्द्र खारी, तहसील महामंत्री नेत्रपाल सिंह, ब्लॉक उपाध्यक्ष सुरेश सिरोही, सोमपाल सिंह आदि ने खुशी मनाई। बड़गांव में तहसील अध्यक्ष कानसिंह राणा ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अब किसान नेताओं को संतुष्ट कर उनकी ससम्मान घर वापसी कराई जाय।
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बेहट के गांव फतेहपुर टांडा में किसानों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। तहसील अध्यक्ष सचिंद्र राणा, सोबिंद्र राणा, प्रमोद राणा, धीर सिंह, सुनील राणा, गौतम राणा रहे। नागल में भाकियू तोमर गुट के मंडल उपाध्यक्ष चौ. वीरेंद्र सिंह ने भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष चौ. विनय कुमार को लड्डूू खिलाकर बधाई दी। छुटमलपुर में पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजबीर कांबोज के संत नगर स्थित आवास पर पीएम की घोषणा को राकेश टिकैत के संघर्ष का परिणाम बताया गया। युवा जिलाध्यक्ष अजय कांबोज, डॉ. राजबीर सिंह, अनुज काक्का, सोविंद्र कांबोज आदि मौजूद रहे। गांव फंदपुरी में चौ. अतुल फंदपुरी ने अपने निवास पर मिठाई बांटी।
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चुनाव में हार के डर से लिया कानून वापसी का फैसला
छुटमलपुर। आजाद समाज पार्टी के विधिक सलाहकार संदीप कांबोज एडवोकेट ने तीनों कृषि काले कानून की वापसी की घोषणा को किसानों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। भाजपा ने आगामी चुनाव में हार के डर से यह फैसला लिया है, लेकिन आगामी चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी और भाजपा को हराने का काम करेगी। भीम आर्मी और आसपा इस एक साल के किसान आंदोलन में किसानों के साथ हर कदम पर कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रही और आगे भी किसानों के साथ हर कदम पर साथ खड़ी रहेगी। विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष विनोद पेगवाल, रोबिन कर्णवाल, नितिन बंसल, औरंगजेब खान आदि रहे।
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सात सौ किसानों की जान लेने के बाद आई सरकार को समझ
नानौता। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता संदीप चौधरी ने कहा कि कृषि कानूनों के वापसी का मतलब किसानों का बलिदान रंग लाया है। उन्होंने कहा कि 700 से ज्यादा किसानों की जान लेने और सालभर तक उन्हें धूप, बरसात और सर्दी-गर्मी में खुले आसमान के नीचे तड़पाकर सरकार को अब समझ आया कि कृषि कानून गलत थे और किसान सही।

चौ विनय कुमार को मिठाई खिलाते चौ वीरेंद्र सिंह- फोटो : SAHARANPUR

फतेहपुर टांडा में खुशी मनाते किसान- फोटो : SAHARANPUR

अंबेहटा में कृषि कानून वापिस होने की घोषणा पर खुशी जताते किसान- फोटो : SAHARANPUR

महंगी में खुशी मनाते सिख समाज के किसान- फोटो : SAHARANPUR

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