सहारनपुर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को हंगामा हो गया। चिकित्सक से मारपीट हुई और जमकर गाली गलौज हुई। चिकित्सकों का आरोप है कि चुनाव की ड्यूटी से मुक्त होने को फर्जी मेडिकल बनवाने का दबाव नहीं मानने पर मारपीट और गाली गलौज की गई, जबकि शिक्षा मित्र और उसके परिवार का कहना है कि हादसे में घायल होने के बावजूद उपचार कराने और मेडिकल बनवाने के लिए दो घंटे तक इंतजार करते रहे। मामले में चिकित्सक ने चार लोगों के खिलाफ जनकपुरी थाना पुलिस को तहरीर दी है।
मामला शनिवार दोपहर का है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. बीडी शर्मा ने बताया कि जब वह ड्यूटी पर पहुंचे तो इमरजेंसी वार्ड में मंजू नाम की महिला और दो पुरुष पहले से पहुंचे हुए थे। उनका कहना था कि महिला शिक्षा मित्र है, जो अपने पति अरविंद के साथ गांव मुर्तजापुर से बाइक पर मतदान का प्रशिक्षण लेने को सहारनपुर आ रही थी। रास्ते में सड़क हादसे के कारण वह घायल हो गए। ऐसी स्थिति में ऐसा मेडिकल बनाया जाए कि उनकी ड्यूटी कट जाए। आरोप है कि जब डॉ. बीडी शर्मा ने फर्जी मेडिकल बनाने से इनकार किया तो एक तीमारदार ने गाली-गलौज करते हुए उन पर पानी की बोतल फेंक कर मारी, जो डॉ. शर्मा के सीने पर लगी। इसके बाद चिकित्सकीय स्टाफ ने तीमारदारों को गाली-गलौज करने से रोका। सूचना मिलते ही जनकपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। डॉ. बीडी शर्मा ने बताया कि उन्होंने महिला सहित चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
उधर, महिला के देवर ने बताया कि मंजू अपने पति अरविंद के साथ मतदान का प्रशिक्षण लेने आ रही थी। ताजपुरा गांव के पास टेंपो से टक्कर लगने पर अरविंद को करीब दस जगह चोट आई हैं। मंजू के कंधे में फ्रैक्चर है। वह खुद दोनों को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। आरोप है कि उनको इलाज के लिए दो घंटे से अधिक समय का इंतजार कराया गया। उन्होंने इसकी शिकायत सीएमओ से करनी चाही तो चिकित्सकीय स्टाफ ने उनकी भाभी मंजू और उनके साथ मारपीट की।
फर्जी मेडिकल कराने को रोजाना पहुंच रहे लोग
चुनाव को लेकर लगाई गई ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी कर्मी हर हथकंडा अपना रहे हैं। शनिवार को जब जिला अस्पताल में हंगामा हुआ तो उसमें भी यही बात सामने आई कि चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने के लिए मेडिकल बनवाना था। वहीं डॉ. बीडी शर्मा ने भी बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी पहुंच रहे हैं, जो फर्जी मेडिकल बनवाने की बात कहते हैं, जिससे चुनाव में ड्यूटी ना करनी पड़े।