सहारनपुर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भड़के शिक्षा मित्रों का आंदोलन तीसरे दिन और भी उग्र हो गया। शिक्षा मित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया और बीएसए समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
इसके बाद शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय के बाहर तंबू गाड़ दिया और धरने पर बैठ गए। पुलिस और आरएएफ ने लगभग एक घंटे बाद पहुंचकर शिक्षा मित्रों को समझा बुझा कर ताला खुलवाया और अधिकारियों को मुक्त कराया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में शुक्रवार को शिक्षा मित्र एकत्रित होकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और तंबू गाड़ दिया।
इसके बाद बीएसए कार्यालय पर ताला जड़ दिया। उस समय कार्यालय में बीएसए और सभी कर्मचारी मौजूद थे। शिक्षा मित्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालयों में उनकी अनुपस्थिति लगाई जा रही है, जबकि दिखावे के लिए बीएसए उनका समर्थन कर रहे हैं।
शिक्षा मित्रों के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों में जाकर शिक्षा मित्रों की अनुपस्थिति लगा रहे हैं। शिक्षा मित्रों का शोषण किया जा रहा है।
अध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि जब तक शिक्षा मित्रों का शोषण बंद नहीं होगा, तब तक उग्र आंदोलन किया जाएगा। अपने अधिकार के लिए शिक्षा मित्र किसी भी हद तक जा सकते हैं।
बीएसए को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही आरएएफ और पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षा मित्रों को किसी प्रकार समझा-बुझा कर ताला खुलवाया। लगभग एक घंटे तक बंधक रहे बीएसए समेत सभी कर्मचारियों को मुक्त कराया।
शिक्षा मित्रों ने विभाग के खिलाफ जमकर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षा मित्रों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और भी उग्र हो जाएगा।
धरना प्रदर्शन करने वालों में नौशाद अहमद, संजय शर्मा, अंजू कश्यप, रविकांत यादव, अमित शर्मा, संजय जीवाला, ब्रिजेश कांबोज, संजय सानियाल, शब्बू खान, धर्मवीर सिंह, गुरदीप सिंह, जनक सिंह, रामकुमार, शिव कुमार, कुलदीप समेत अनेक लोग शामिल रहे।