सहारनपुर के नानौता में मदरसे का कारी एक बच्चे को जंजीर से बांध कर रखता था। शुक्रवार की शाम बच्चा मौका पाकर भाग निकला। राहगीरों की मदद से वह थाने पहुंचा।
पुलिस ने मदरसे से चाबी लाकर बच्चे को जंजीर से मुक्त कराया। आरोपी कारी पुलिस आने की सूचना पर मदरसे से फरार हो गया, जबकि बच्चे के पिता को हिरासत में ले लिया गया।
नगर के ओलरा रोड स्थित एक मदरसे से शाम चार बजे जंजीरों में बंधा एक बच्चा भागता हुआ बाहर निकला तो लोग हैरत में पड़ गए। राह चलते लोगों ने उसे रोका और ढांढस बंधा कर उससे जंजीर में बांधने की वजह पूछी।
उसने बताया कि मदरसे का कारी उसे बांध कर रखता है। इस पर राहगीर बच्चे को लेकर थाने पहुंचे। एसओ यशपाल सिंह ने बच्चे से जानकारी की तो पता चला कि बच्चा नगर के मोहल्ला छात्ता निवासी है।
उसकी उम्र आठ साल है। वह ओलरा रोड स्थित एक मदरसे में रह कर इब्तियाई अव्वल की उर्दू तालीम हासिल कर रहा है। जानकारी पर पता चला कि मदरसे से बार-बार घर भाग आने की आदत से तंग आकर बच्चे के पिता ने कारी को जंजीर और ताला दिया था।
कारी उसे जंजीर में बांध कर रखता था। थानाध्यक्ष यशपाल सिंह बच्चे से जानकारी लेने के बाद आनन फानन में पुलिस बल के साथ मदरसे में पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही आरोपी कारी फरार हो गया।
इसके बाद पुलिस ने मदरसे में तलाशी लेकर जंजीर में लगे ताले की चाबी बरामद कर बच्चे को जंजीर से मुक्त किया। थाने पर पहुंचा बच्चा बदहवास व डरा हुआ था। पुलिस ने पीड़ित बच्चे के पिता को हिरासत में लिया।
बताया जाता है कि उक्त बालक के पिता की दूसरी शादी हुई है। बालक की सौतेली मां उसे अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चे को मेडिकल के लिए भेजा और उसके पिता को हिरासत में लेकर कारी की तलाश की जा रही है।