डूडा के पीओ लखनऊ तलब, लाभार्थियों के खाते में पहुंची किस्त
सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों को लाभ से वंचित रखने के मामले में शासन ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी अनुज प्रताप सिंह को तलब किया है। वह मंगलवार को योजना से संबंधित पत्रावली लेकर लखनऊ पहुंचेंगे। उनके लखनऊ पहुंचने से पहले ही छह लाभार्थियों की किस्त जारी कर दी गई है।
ये वो लाभार्थी जिनकी पीड़ा को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था और भ्रमण पर आए जिले के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव नगर विकास डाक्टर रजनीश दुबे ने समीक्षा बैठक में अखबार दिखाते हुए परियोजना अधिकारी डूडा को कारण बताओ नोटिस और चार्जशीट देने के लिए कहा था। इसी प्रकरण को लेकर उन्हें अब लखनऊ तलब किया गया है।
जिले में ऐसे लोगों की संख्या हजारों में जिन्होंने पहली किस्त मिलने पर अपना पुराना मकान तोड़ दिया, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त अटक गई। ऐसी दशा में उनके मकान का निर्माण पूरा नहीं हुआ, जिस कारण किसी को पॉलिथीन डालकर छत बनानी पड़ी तो किसी को किराये के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा। नानौता की संतोष के परिवार को तो गुरुद्वारा परिसर स्थित कमरे में शरण लेनी पड़ रही है। संतोष ने बताया कि दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये सोमवार को उनके खाते में आ गए हैं। मालूम चला है कि जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी अनुज प्रताप सिंह को लखनऊ तलब कर लिया गया है। वह मंगलवार को लखनऊ पहुंचेंगे।
अमर उजाला मुहिम लाई रंग, रुका निर्माण होगा शुरू
योजना के तहत किस्त नहीं मिलने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की पीड़ा और जो पात्र होने के बावजूद चयनित सूची में शामिल नहीं होने वालों का भी दर्द अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। 12 से 15 नवंबर तक प्रत्येक दिन पड़ताल करते हुए खबर प्रकाशित की गई। समीक्षा बैठक के दौरान भी अपर मुख्य सचिव ने भी अमर उजाला में प्रकाशित खबरों का हवाला देकर बैठक में ही परियोजना अधिकारी को स्पष्ट कहा था कि इन पात्रों के खातों में किस्त क्यों नहीं पहुंची, जवाब दें।
योजना की किस्त आने पर खुश हुए पात्र
सहारनपुर। नानौता निवासी संतोष ने बताया कि इसी साल अप्रैल महीने में पहली किस्त आई थी, जिस कारण पुराना मकान तोड़ दिया था। दूसरी किस्त नहीं आने से निर्माण अधूरा रह गया, जिस कारण तब से उनका परिवार गुरुद्वारा के कमरे में शरण लेकर रह रहा था। किस्त न मिलने से हमारा पूरा परिवार बहुत परेशान था। संतोष ने कहा कि अमर उजाला ने हमारी पीड़ा को उजागर किया, जिसके बाद डेढ़ लाख रुपये की दूसरी किस्त उनके खाते में आ गई है। अब वह जल्द ही अपने मकान का निर्माण पूरा करा लेंगे। वहीं, खेड़ा मुगल के रहने वाले योजना के पात्र वसीम ने भी बताया कि उनके खाते में योजना की दूसरी किस्त के रूप में 1.44 लाख रुपये आ गए हैं। दूसरी किस्त नहीं आने से उनके मकान का निर्माण आगे नहीं बढ़ पा रहा था और सिर्फ नींव ही भर पाई थी।