सहारनपुर। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) योजना एवं कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर गठित निगरानी समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा योजनाओं में पात्रों को ऋण और अन्य सुविधाएं प्रदान कराने में लापरवाही ना बरती जाए।
विकास भवन सभागार में हुई निगरानी समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दोनों ही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्हें बताया मुजफ्फराबाद ब्लाक में किसान ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और साढ़ौली कदीम ब्लाक में उपज बहार फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) द्वारा सर्व सेवा समिति संस्थान (सीबीबीओ) के मध्यम से किया है। दोनों एफपीओ का पंजीकरण हो चुका है तथा बैंक खाता भी खोला है। योजना में प्रत्येक एफपीओ को भारत सरकार से वित्तीय सहायता के रूप में 18 लाख रुपये एवं 15 लाख इक्विटी अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही दो करोड़ रुपये तक का ऋण भी बैंकों द्वारा दिया जाएगा। इसमें दोनों एफपीओ के क्लस्टर गांवों का चयन/ अनुमोदन किया। इसमें सीडीओ विजय कुमार, उप निदेशक मंडी परिषद/ सचिव मंडी परिषद, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, एलबीओ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, एलडीएम, उप महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक लि, सहायक निबंधक सहकारिता आदि मौजूद रहे।