बेहट (सहारनपुर)। मंडी रोड पर स्थित खंडहर पड़े बीज गोदाम की भूमि पर मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस भूमि पर सहकारिता विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को कस्बे के ही एक परिवार ने अपनी जमीन बताते हुए उससे संबंधित दस्तावेज दिखाकर रुकवाया।
बता दें कि बेहट में मंडी के सामने बेहट सहकारी संघ के बीज गोदाम की भूमि है, इसमें गोदाम का खंडहर हो चुके भवन भी खड़े हैं। इस भूमि पर विभाग द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसकी खबर लगते ही मोहल्ला शहरी दरवाजा निवासी शाह इजतबा मौके पर पहुंच गए और जमीन अपनी बताते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया। उनकी सूचना पर यूपी -112 पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इजतबा ने जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखाए, जिस पर पुलिस ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार व चेयरमैन पर लगाया कब्जा कराने का आरोप
शाह इजतबा ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर सहकारी बैंक के डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार और चेयरमैन पर जबरन बीज गोदाम वाली उनकी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मोहल्ला सड़क पार में मंडी के सामने खेवट नंबर - 07 व खसरा नंबर - 736 की जमीन राजस्व अभिलेखों में उसके और उसके भाई मुजतबा अली तथा उसकी मां मलिका शाह के नाम दर्ज है। नगर पंचायत में मूल्यांकन की रसीद भी उनके पास है। उन्होंने नगर पंचायत को जमीन का 2022 तक का टैक्स भी अदा किया है, लेकिन जिला सहकारी बैंक के डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार एवं चेयरमैन जबरन उनकी भूमि पर दरवाजा लगा कर कब्जा कर रहे हैं, उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है, जबकि उक्त भूमि उनकी पुश्तैनी भूमि है और उन्हीं का मालिकाना हक है। मौके पर भी वह काबिज है। उन्होंने एसडीएम से किसी भी व्यक्ति या संस्था को उनकी जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा करने से रोकने की मांग की है।
हमारे हमारे पूर्वजों ने यह जमीन बीज सवाया के लिए दी थी, लेकिन 35-40 साल पहले सरकार ने सवाया खत्म कर दिया था। उनका कहना है कि खेवट एवं नगर पंचायत में उनका नाम दर्ज है। जमीन में खंडहर पड़े भवन का टैक्स भी वे ही जमा कर रहे हैं, इसकी रसीदें भी उनके पास हैं। सहकारिता विभाग इस पर निर्माण कार्य कर रहा है, जो कि अवैध है। हमारे पूर्वजों ने यह जमीन बीज रख कर बेचने के लिए दी थी, न कि दान या बैनामा किया था। - शाह इजतबा, जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाले
सहकारी संघ, बेहट बहुत पुरानी संस्था है, जो कुछ कारणों से निष्क्रिय पड़ी है। इसमें सहकारी संघ के तीन भवन बने हैं। हमारे पास भी इस सहकारी बैंक से संबंधित दस्तावेज हैं। नगर पंचायत में भी जमीन संस्था के नाम दर्ज हैं। अवैध कब्जे का आरोप निराधार है। टूटे गेट को ठीक कराया जा रहा था। उन्होंने विवाद को दूर करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया है।
- आरके सिंह, डिप्टी कमिश्नर कॉपरेटिव डिवीजन सहारनपुर