एटीएस ने तीन दिन पहले गांव खजूरहेड़ी निवासी राशिद, हसनपुर निवासी अजहर और गांव मेघछप्पर निवासी सादिक को गिरफ्तार कर कोतवाली सदर बाजार पुलिस के हवाले किया था। आरोपियों ने नवीनगर निवासी गौरव शर्मा का धर्म परिवर्तन कराया था। इनके खिलाफ गौरव की मां सुमन ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में खुलासा हुआ है कि इन तीनों युवकों की सरगना रेशमा निवासी बंगलूरु है, जिसने गौरव को नमाज पढ़ना और इस्लाम धर्म के तौर-तरीके सिखाए थे। पुलिस रेशमा को अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
रेशमा के इशारे पर ही तीनों आरोपी 18 से 21 साल की उम्र के युवकों या युवतियों का ब्रेनवॉश करते थे। इसके बाद उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी कितने युवाओं का धर्म परिवर्तन करा चुके हैं।
मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी निवासी दुष्यंत उर्फ फैज (25) पुत्र स्वर्गीय संजीव चौधरी ने 2 फरवरी को सुबह चार बजे पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के बाद दुष्यंत के चचेरे भाई जॉनी की तहरीर पर पत्नी फरहा, साला अमजद, ससुर हनीफ सहित अन्य लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कराया था। दुष्यंत ने दूसरे समुदाय की युवती से तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिजनों का आरोप था कि धर्म परिवर्तन कराने के दबाव में उसने यह कदम उठाया।
मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी में रहने वाले दुष्यंत की बहन की शादी थी। इस शादी में बहन की दोस्त फरहा भी पहुंची। दुष्यंत की फरहा से मुलाकात मोहब्बत में बदल गई। लेकिन दुष्यंत को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये मोहब्बत ही उसे मौत के रास्ते पर लेकर जा रही है। फरहा से मुलाकात के बाद से जैसे दुष्यंत की जिंदगी बदलने लगी। उसने यहां तक कि अपनी बहन और जीजा से भी रिश्ता खत्म कर लिया।
दुष्यंत के परिजनों को धक्का उस वक्त लगा जब उसने मुस्लिम धर्म के रीति-रिवाजों को मानना शुरू कर दिया। उनके धर्म के त्योहारों को मनाने लगा और सिर पर टोपी पहनना शुरू कर दिया। फरहा से संपर्क के बाद वह गुमसुम रहने लगा था और रक्षाबंधन और भाईदूज जैसे त्योहार मनाना भी बंद कर दिया था। जो लोग उसे फरहा का साथ छोड़ने की बात करते थे तो वह उनसे नाराज हो जाता था।
परिजनों को यकीन होने लगा था कि इकलौते बेटे के साथ कुछ ठीक नहीं हो रहा है। उन्होंने बेटे को खूब समझाया लेकिन वह नहीं माना। फरहा उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही थी तो दुष्यंत उसे अपने घर लाना चाहता था, लेकिन दोनों की जिद के आगे जिंदगी हार गई। धर्म परिवर्तन के दबाव में आकर आखिरकार दुष्यंत ने मौत को गले लगा लिया।
फेसबुक पर दोस्ती और लव जिहाद के ये मामले भी रहे चर्चित
केस-1
दौराला के लोइया गांव निवासी साकिब ने अपना नाम अमन बताकर लुधियाना की युवती (24) को प्रेम जाल में फंसाया। मई 2019 में आरोपी ने युवती से शादी की। लेकिन जब युवती को उसकी असलियत पता चली तो आरोपी ने उसकी हत्या कर शव अपने खेत में दबा दिया। पुलिस की जांच में सामने आया था कि साकिब की युवती से फेसबुक पर दोस्ती शुरू हुई थी।
केस-2
मुंडाली थाना क्षेत्र के अजराड़ा निवासी वसीम ने दिनेश रावत नाम से फर्जी आधार कार्ड और कागज बनवाए। शहर के एक हॉस्पिटल में नौकरी की और हापुड़ निवासी युवती से दो साल तक दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की। यह दोस्ती भी दोनों में फेसबुक पर शुरू हुई थी। 7 जून 2019 को मुंडाली पुलिस ने केस दर्ज किया था।