देवबंद (सहारनपुर)। अमरोहा जनपद की तहसील हसनपुर निवासी कर्मवीर देवबंद सीएचसी में 108 एंबुलेंस पर परिचालक हैं। कर्मवीर ने बताया कि पिछले करीब एक साल से उनकी ड्यूटी कोरोना संक्रमितों को जिला अस्पताल ले जाने में लगी है। वह अपने साथी चालक पूरन सिंह के साथ रहते हैं। इस दौरान कई बार उनकी तबीयत खराब हुई। कोरोना टेस्ट कराया लेकिन भगवान की शुक्र रहा कि रिपोर्ट निगेटिव आई। तबीयत खराब होने के बावजूद भी वह अपना कर्तव्य निभाते रहे। कोरोना संक्रमितों को ले जाने में डर लगता है। लेकिन अधिकारी उनका उत्साह व मनोबल बढ़ा देते हैं। कर्मवीर बताते हैं कि उनकी शादी हो गई है। रात्रि में समय मिलने पर फोन के माध्यम से ही हाल चाल मालूम कर लेता हूं। इस दौरान सिर्फ एक बार ही घर जाने का उन्हें मौका मिला। पिछले करीब चार माह से वह घर नहीं गए हैं।
गरमी में घंटों पीपीई किट पहन करते हैं कोरोना जांच
रामपुर मनिहारान। कोविड 19 महामारी में एक वर्ष से लगातार अपनी ड्यूटी को निभा रहे सीएचसी के वरिष्ठ लेब टेक्नीशियन अश्वनी कुमार कोरोना संक्रमण की जांच से लेकर खून आदि की अन्य जांच कर बीमार लोगों की सेवा में जुटे हैं। यही नहीं वह इमरजेंसी में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अश्वनी कुमार बताते हैं कि 15 से 16 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। कई बार तो दोपहर का खाना तक नहीं मिल पाता है। बच्चों के लिए भी समय नहीं निकाल पाते हैं। प्रचंड गर्मी में पीपीई किट पहनकर कोरोना संक्रमितों की जांच करनी पड़ती है। कई बार तो गरमी में चक्कर तक आने की स्थिति बन जाती है। बावजूद इसके वे अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं।
रात रात भर जाग कर करनी पड़ती है रोगियों की देखरेख
रामपुर मनिहारान। सीएचसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट वासुदेव नोटियाल की ड्यूटी 24 घंटे इमरजेंसी में रहती है। कोविड 19 कार्यकाल में वह बिना थके दिन रात रोगियों की सेवा में लगे हैं। पहली कोरोना लहर में गली मोहल्लों में कोरोना टेस्टिंग के लिए लगाए गए शिविर में उन्होंने अपनी ड्यूटी को अंजाम दिया था। अब फिर से वह कोरोना काल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वासुदेव नोटियाल बताते हैं कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तेजी पकड़ने के बाद ज्यादातर स्टाफ कोविड ड्यूटी में तैनात कर दिया गया है ऐसे में सीएचसी की इमरजेंसी में रात दिन काम करना पड़ता है। कई बार तो रोगियों की अधिकता के चलते पूरी पूरी रात सोने को नहीं मिल पाता है। बच्चे स्टाफ क्वार्टर में साथ रहते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से उन्होंने खुद को एक अलग कक्ष तक ही सीमित रख रखा है।