बता दें, कि दारुल उलूम में वर्ष 2005 में ऑनलाइन फतवा विभाग शुरू किया गया। जिससे देश-विदेश से बड़ी संख्या में मुफ्तियों से सवाल पूछे जाने लगे।
बहस का मुद्दा बने कुछ चर्चित फतवे
मुस्लिम महिलाओं को नेल पॉलिश नहीं लगाना चाहिए। महिलाओं को नाखून पर नेल पॉलिश की बजाय मेहंदी का इस्तेमाल करना चाहिए। नेल पॉलिश गैर इस्लामिक है। एक अन्य फतवे में कहा गया कि मुस्लिम महिलाओं को आईब्रो नहीं बनवाना चाहिए। आईब्रो बनवाना, वैक्सिंग करवाना या फिर बाल कटवाना गैर इस्लामिक है। इसके अलावा चुस्त व तंग बुर्का और लिबास पहनना भी जायज नहीं।
एक अन्य फतवे में कहा गया था कि गैर मर्द का अजनबी औरतों को चूड़ी पहनाना नाजायज और गुनाह है। सोशल मीडिया पर महिलाओं की फोटो डाले जाने को भी दारुल उलूम के एक फतवे में नाजायज बताया गया था। इनके अलावा कई ऐसे फतवे हैं। जो काफी चर्चाओं में रहे।