सहारनपुर जिले में डेंगू के डंक ने टेंशन बढ़ा दी है। अब तक डेंगू के पांच मामले सामने आ चुके हैं। एकाएक डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। हालात यह है कि एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा है। 146 कॉलोनी व गांव डेंगू को लेकर संवदेनशील हैं।
पिछले सप्ताह हुई बारिश ने मौसम में बदलाव ला दिया है। तीन दिन लगातार रुक-रुककर बारिश होती रही। जिसकी वजह से जगह-जगह पानी भर गया। लोगों के घरों की छतों पर रखे टायर, गमले और बेकार बर्तनों में पानी इकट्ठा होने से डेंगू का लार्वा पनपने लगा है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में 1043 मरीज देखे गए। जबकि बुधवार को यह संख्या 988 थी।
सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन कक्ष के बाहर रही। अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होने से बेड कम पड़ गए हैं। यहीं कारण है कि इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर इलाज चल रहा। यहां डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड आरक्षित किया है।
संवेदनशील श्रेणी में यह क्षेत्र
महानगर में कमेला कॉलोनी, नूरबस्ती, नेहरू नगर और सरसावा के कुंडा में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल जिन क्षेत्रों में सर्वाधिक डेंगू के मरीज मिले थे, उन्हें संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इनमें 146 कॉलोनी व गांव शामिल हैं। पिछले साल डेंगू के 435 मरीज मिले थे।
नारियल व कीवी के दामों में उछाल
डेंगू के मामले बढ़ने से नारियल पानी और कीवी के दामों में भी उछाल आया है। नारियल पानी 70 से 80 तो 100 रुपये में दो कीवी मिल रहीं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू में नारियल पानी पीने व कीवी खाने से प्लेटलेट्स कम नहीं होती है।
साफ-सफाई का रखें ध्यान, इकट्ठा न होने दें पानी
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है। अब तक जितने भी डेंगू के केस मिले हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। संवेदनशील गांवों में टीम पहुंचकर एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही है। साथ ही लोगों से अपील है कि डेंगू से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पानी को एक जगह पर इकट्ठा न होने दें।