सहारनपुर। गंगोह क्षेत्र के गांव मनोहरा में स्थित हुलास नामक पुरातत्व स्थल के एक हिस्से को जेसीबी की सहायता से समतल करने का आरोप लगाते हुए विरासत शोध केंद्र के समन्वयक राजीव उपाध्याय यायावर ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यहां पर वर्ष 1978 से 1983 तक पुरातत्व विभाग ने उत्खनन कार्य कराया था। जिसमें कार्बन डेटिंग एवं शोध के आधार पर पाया गया था कि यहां कभी सिंधु कालीन सभ्यता की बस्ती थी।
बताया कि जनपद के गंगोह- नानौता मार्ग के पास गांव मनहोरा क्षेत्र में हुलास नामक पुरातत्व स्थल है। कार्बन डेटिंग के आधार पर पाया गया कि यहां सिंधु सभ्यता की बस्ती भी बसी हुई थी। इसमें कुषाण कालीन ईंटों से बने निर्माण भी प्राप्त हुए थे। इस महत्वपूर्ण स्थल का आज तक सरकार ने कोई संरक्षण नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में टीले के एक महत्वपूर्ण भाग को जेसीबी की सहायता से समतल दिया गया है। उसे दीवार बनाकर टीले से अलग कर दिया है। इससे पहले भी इस टीले पर पट्टे काट दिए गए थे। उन्होंने इस टीले की पैमाइश कर इसका संरक्षण कराने की मांग की। अपर जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि इस बारे में पुरातत्व विभाग को लिखा जाएगा। जिससे इसका संरक्षण हो सके।