फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दारुल उलूम प्रकरण: SDM और CO कर रहे जांच, दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट, 2015 में गजवा-ए-हिंद का किया था महिमामंडन

Sat, 24 Feb 2024 12:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

Darul Uloom News: गजवा ए हिंद का महिमामंडन करने के मामले में 10 वर्ष बाद प्रशासन ने संस्था प्रबंधन से पूछताछ तो की लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। अभी उच्चाधिकारियों को भी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।
विज्ञापन
दारुल उलूम, देवबंद - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के देवबंद स्थित इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम द्वारा एक फतवे में गजवा-ए-हिंद (भारत में युद्ध) का महिमामंडित करने पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पत्र पर प्रशासन ने संस्था प्रबंधन से पूछताछ तो की, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं सौंपी गई है। ऐसे में एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई।

विज्ञापन


दारुल उलूम की वेबसाइट पर गजवा-ए-हिंद को लेकर डाले गए वर्ष 2015 के एक फतवे को आधार बनाकर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने सहारनपुर डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर दारुल उलूम के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था।

यह भी पढ़ें: जीना सिर्फ तेरे लिए: मनीषा ने मांग में भर लिया प्रीति के नाम का सिंदूर, सात जन्म तक साथ रहने की खाई कसम

 

विज्ञापन

मामले में गुरुवार को देवबंद एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया ने दारुल उलूम पहुंच संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिद मद्रासी से मामले में उनका पक्ष जाना था, लेकिन दूसरे दिन स्थानीय अधिकारियों ने इसकी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं सौंपी है। अधिकारी भी इंतजार में है कि जांच रिपोर्ट क्या आती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
 
 

दारुल उलूम को पहले भी दो बार भेजे जा चुके हैं नोटिस
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इससे पूर्व वर्ष 2022 में जारी एक फतवे पर नाराजगी जताई थी। जिसमें गोद लिए बच्चे का संपत्ति में अधिकार न होने और उसके व्यस्क (बालिग) होने के बाद उससे पर्दा करने का उल्लेख किया गया था। आयोग ने इसे बाल अधिकार संरक्षण के विरुद्ध बताते हुए दारुल उलूम को नोटिस जारी किया था।
 
वर्ष 2023 में भी आयोग ने दारुल उलूम को एक नोटिस जारी किया था। इसमें आयोग ने दारुल उलूम द्वारा शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के अंग्रेजी और अन्य आधुनिक विषयों की कोचिंग लेने पर रोक लगाने के मामले का संज्ञान लिया था। संस्था के जिम्मेदारों को तलब भी किया गया था।

यह भी पढ़ें: Satypal Malik: सीबीआई के छापे के बाद पूर्व राज्यपाल बोले- मेरे पास कर्ज ही कर्ज, सरकार चाहे तो उसे ले ले
 
विज्ञापन

दोनों मामलों में दारुल उलूम प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा, जिसके चलते इन मामलों में आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। बता दें कि दारुल उलूम के खिलाफ अभी तक कभी किसी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
 
इस मामले में एसडीएम और सीओ की कमेटी बनाई गई है। जो जांच कर रही है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विपिन ताड़ा, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें