रिपोर्ट निरस्त कराने के लिए हाजी इकबाल ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी। उसके खिलाफ हाजी इकबाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को निरस्त करने के आदेश पारित कर दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई समाप्त करने की प्रार्थना की। जिसकी सुनवाई के उपरांत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने संबंधित मुकदमे की कार्रवाई समाप्त करने के आदेश दे दिए थे।
इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ने अपर सत्र न्यायाधीश (एमपीएमलए) के न्यायालय में निगरानी दाखिल करते हुए उच्चतम न्यायालय के आदेश को केवल हाजी इकबाल के पक्ष में बताया। बाकी आरोपियों के पक्ष में उच्चतम न्यायालय का कोई भी आदेश न होने की बात कही।
इस मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक ललित नारायण झा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए उसे खारिज कर दिया। साथ बाकी पांच आरोपियों को 28 फरवरी को अदालत में पेश होना होगा।