पूछताछ में आरोपी सत्यवान ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शराब फैक्टरी में टैक्स चोरी का खुलासा भी एसटीएफ ने मार्च माह में किया था। तब 10 लोगों को गिरफ्तार कर करीब 100 करोड़ की टैक्स चोरी की बात सामने आई थी। मामले की जांच बांद में एसआईटी लखनऊ ने की, जिसके बाद 35 करोड़ रुपये टैक्स चोरी की पुष्टि हुई। आरोपी सत्यवान शर्मा निवासी धडेरू थाना सदर जिला भिवानी (हरियाणा) हाल निवासी विवेक विहार सहारनपुर इस मामले में आरोपी है और तभी से फरार चल रहा था। काफी दिन से एसटीएफ की टीम इस मामले में नामजद फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी थी।
इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी सत्यवान हरियाणा में छिपकर रह रहा है, जिसके चलते सटीक सूचना पर हरियाणा के महेंद्रगढ़ में कोतवाली सिटी के कहनोडिया मोहल्ला से उसको गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में एसटीएफ को आरोपी सत्यवान ने बताया कि शर्मा ट्रांसपोर्ट कंपनी और एसबीटीसी कंपनी वह अपने भाई जयभगवान शर्मा के साथ मिलकर चलाता है। टपरी स्थित शराब फैक्टरी से बगैर एंट्री के शराब लादकर ले जाने की एवज में उसे मोटी रकम मिलती थी।
वहीं, उसके भाई जयभगवान शर्मा को एसटीएफ ने मार्च माह में ही गिरफ्तार कर लिया था। यह भी बताया कि टपरी की शराब फैक्टरी से पहले उसने पिलखनी स्थित डिस्टलरी में भी अपने ट्रक और कंटेनर लगाए थे और वहां से भी इसी तरह टैक्स चोरी की शराब निकालकर मोटा मुनाफा कमाया था। मुंशी से ट्रांसपोर्टर और करोड़ों के खेल में शामिल गिरफ्तार आरोपी सत्यवान ने एसटीएफ को यह भी बताया कि 1999 में वह साउथ कारगो केरियर ट्रांसपोर्ट दिल्ली में दो हजार रुपये प्रतिमाह बतौर मुंशी की नौकरी करता था। वर्ष 2001 में फाइव स्टार ट्रांसपोर्ट और उसके बाद 2002 से 2016 तक मेहता ट्रांसपोर्ट दिल्ली में मुंशी की नौकरी करता था। इसी दौरान उत्तराखंड के बहादराबाद में ट्रांसपोर्ट कंपनी खोली, जिसके बाद सहारनपुर के गुरुद्वारा रोड पर ट्रांसपोर्ट खोली।