उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रेलवे में कार्यरत खलासी मोहन की हत्या अनैतिक संबंध में बाधक बनने पर की गई। वारदात को मोहन की पत्नी और उसके प्रेमी ने अंजाम दिया था। कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया है।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि 17 अगस्त की सुबह जीपीओ रोड स्थित सरकारी आवास में रहने वाले रेलवे में खलासी मोहन का शव मकान के पीछे पड़ा मिला था। मोहन जिला झज्जर हरियाणा का रहने वाला था और पत्नी पूजा व बच्चों सहित सरकारी आवास में रहता था। पत्नी पूजा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीन दिन चली छानबीन के बाद पुलिस ने मोहन की पत्नी पूजा और उसके प्रेमी राहुल पुत्र रमेश निवासी सरूपगढ़ थाना चरखी दादरी हरियाणा को गंगोह बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि राहुल और पूजा के बीच अनैतिक संबंध थे। इसमें बाधक बनने पर गला घोंटकर मोहन को मौत के घाट उतार दिया था और शव को घर के पीछे फेंक दिया था।
पति की छाती पर बैठी पूजा, चुनरी से घोंटा गला
आरोपी राहुल एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड है। वह अक्सर पूजा से मिलने के लिए उसके घर पर आता था। 16 अगस्त की शाम मोहन ड्यूटी पर गया तो राहुल उसके घर पहुंच गया था। मोहन रात आठ बजे ड्यूटी से लौट आया था। तब, उसकी पत्नी ने मोहन को कोल्डड्रिंक में नशीली गोलियां दे दीं। राहुल उस दौरान पूजा के साथ ही कमरे में रहा। रात में मोहन को होश आ गया, तब पहले तो राहुल ने हाथों से मोहन का गला घोंटा। फिर पूजा ने उसकी छाती पर बैठकर चुनरी से गला घोंटा। पुलिस ने वह चुनरी भी बरामद होने का दावा किया है, जिससे गला घोंटा गया था।
फेसबुक से हुई थी दोस्ती, फेसबुक से ही खुला मर्डर
पूजा और राहुल की कुछ वर्ष पूर्व फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। दोनों मैसेंजर से चेटिंग करते थे। पुलिस को पहले दिन से पूजा पर शक था। मगर, खुलासे के लिए कोई लाइन नहीं मिल रही थी। मोहन की फोन कॉल डिटेल पुलिस ने खंगाली थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। सभी को यह पता था कि पूजा के पास मोबाइल फोन नहीं है, लेकिन वह गोपनीय रूप से मोबाइल फोन चला रही थी। पुलिस ने फेसबुक पर पूजा के नाम का एकाउंट सर्च किया तो उसकी आईडी मिल गई। एक मोबाइल फोन नंबर के आधार पर इस एकाउंट को रजिस्टर्ड किया गया। पुलिस ने जब उस नंबर की कॉल डिटेल खंगाली तो राहुल से पूजा के संपर्क होने का पता चला और हत्या वाले दिन राहुल के मोबाइल फोन की लोकेशन रेलवे स्टेशन के नजदीक की थी। इसी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचकर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना स्वीकार किया।