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जालसाजी करने के आरोप में दो पकड़े

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फर्जी दस्तावेेजों पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की कोशिश करते दो पकड़े
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बेहट (सहारनपुर)। एक किसान की 40 बीघा जमीन के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौ लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की कोशिश के मामले में दो आरोपियों को पकड़ा गया और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
क्षेत्र के दबकौरा गांव का निवासी मोहम्मद इस्तखार बृहस्पतिवार दोपहर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए तहसील में एक अधिवक्ता के पास फाइल तैयार करवाने के लिए आया था। अधिवक्ता ने इस्तखार को आदिल निवासी गांव दबकौरा के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड की फाइल दिखाई और पहचान करने के लिए कहा। फाइल में लगे दस्तावेजों को देखकर इस्तखार हैरान रह गया। उसके भाई आदिल की वोटर आईडी एवं आधार कार्ड पर किसी दूसरे का फोटो लगा था। खसरा खतौनी की नकल भी लगी थी। खसरे की नकल पर एक लेखपाल की मोहर एवं हस्ताक्षर थे। इस पर उसके भाई आदिल की जगह किसी और का फोटो लगा था। उसने इस फर्जीवाड़े के संबंध में अधिवक्ता को बताया। अधिवक्ता ने फाइल तैयार कराकर गए दोनों लोगों को फाइल पर हस्ताक्षर कराने के बहाने अपने चेंबर में बुला लिया। जैसे ही दोनों लोग चेंबर में पहुंचे तो इस्तखार ने अन्य लोगों की मदद से दोनों लोगों को दबोच लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। पकड़े गए दोनों लोगों ने पूछताछ में बताया कि यूनियन बैंक की बेहट शाखा में अटल नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से वह इस भूमि पर नौ लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की फिराक में थे। अटल ने ही बैंक शाखा से उन्हें फाइल देकर अधिवक्ता के पास भेजा था। उनकी अटल के साथ क्रेडिट कार्ड का ऋण स्वीकृत कराने के लिए 15 प्रतिशत कमीशन तय थी। पीड़ित किसान के पुत्र आकिल ने कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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उधर, इस संबंध में यूनियन बैंक की बेहट शाखा के प्रबंधक विकेश कुमार का कहना है कि ऋण संबंधी फाइल अधिवक्ता के यहां से आने के बाद वह अपने स्तर से उसकी जांच कराते हैं और उसके बाद ही ऋण की स्वीकृति की जाती है। अभी तक फाइल शाखा में उनके पास नहीं आई थी। लिहाजा इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अटल नाम के किसी दलाल के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है। ऐसे मामलों में कमीशन के आरोपों को भी उन्हें गलत बताया।
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