केन्द्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान के गुणवत्ता प्रबंधक डॉ एके दीक्षित (दायें) निदेशक (बी?
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सहारनपुर। देश ही नहीं दुनिया के कई देशों में केन्द्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान (सीपीपीआरआई) सहारनपुर ने अपना डंका बजाया है। गुणवत्ता और शोध के मामले में संस्थान के गुणवत्ता को विश्वस्तरीय मान्यता मिली है। इंडोनेशिया, म्यांमार, थाइलैंड, सऊदी अरब, आस्ट्रेलिया, मिस्र, बांगलादेश सहित अन्य देशों में परीक्षण और परामर्श संस्था उपलब्ध कराएगा। इन सभी से संस्थान का करार हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यानन बोर्ड (एनएएबीएल) की ओर से कागज परीक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में मान्यता दी गई है। जो संस्थान के साथ सहारनपुर के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। बेहतरीन अनुसंधान और गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानकों को छूने की वजह से आईएसओ-आईईसी 17025:2017 के तहत मान्यता दी गई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं गुणवत्ता प्रबंधक सीपीपीआरआई सहारनपुर के डॉ. एके दीक्षित ने बताया कि अब सीपीपीआरआई एक ही छत के नीचे कागज परीक्षण और पर्यावरण प्रबंधन दोनों को ध्यान में रखते हुए कार्य करना शुरू कर चुका है। उन्होंने बताया कि बेहद कम लुग्दी में परीक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभव हो सकेगा। संस्थान के निदेशक डॉ बीपी थपलियाल ने बताया कि एनएबीएल प्रत्यायन मिलने से सहारनपुर की विश्व स्तरीय पहचान बन गई है क्योंकि सीपीआरआई ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को हासिल करके अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
राजस्व और विदेशी मुद्रा में होगी बढ़ोत्तरी
1980 में सीपीपीआरआई ने कई पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त की, लेकिन जो अब मुकाम मिला है उससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी। विदेशी मुद्रा की वृद्धि भी होगी क्योंकि दुनिया के कई देशों का अब यहीं पर परीक्षण किया जाएगा।
निदेशक ने जताया सभी का आभार
निदेशक बीपी थपलियाल ने एनएबीएल प्रत्यायन प्राप्त करने पर भारत सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने सीपीपीआरआई के सभी वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की मेहनत की सराहना भी की।
ऐसे मिली संस्थान को मान्यता
उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) की ओर से कागज परीक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में रासायनिक और यांत्रिक परीक्षण के लिए आईएसओ और आईसीसी के अनुसार मान्यता प्रदान की गई है। एनएबीएल को अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन सह संचालन (आईएलएसी) और एशिया पैसिफिक प्रत्यायन सह संचालन (एपीएसी) की ओर से मान्यता मिली है।