सहारनपुर। शहर में अतिक्रमण की प्रमुख वजह दुकानदारों द्वारा सड़कों पर सामान रखना है। अतिक्रमण होने के कारण दिन भर बाजारों और प्रमुख मार्गों पर जाम रहता है। अब नगर निगम ने अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों पर सख्ती नहीं करने का निर्णय लिया है। रविवार को महापौर ने बैठक कर अतिक्रमणकारी व्यापारियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें समझाकर समस्याओं का समाधान निकालने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
रविवार को हुई बैठक में महापौर संजीव वालिया ने कहा बीते दिनों व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। व्यापारियों की पीड़ा थी कि कोरोना के चलते उनका व्यापार चौपट हो गया है। इसके अलावा सड़कों पर सीवर और स्मार्ट रोड बनानेे का काम चल रहा है। इससे भी व्यापार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है, तब तक नगर निगम द्वारा उन्हें परेशान न किया जाए।
महापौर वालिया ने कहा कि व्यापारियों की बात सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि अतिक्रमण रोधी तथा अन्य अभियानों के दौरान लोगों पर जुर्माना आदि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जाए और भवन स्वामी या व्यापारियों को समझा कर और विश्वास में लेकर अपनी बात मनवाई जाए। इसका अर्थ यह भी नहीं है कि दुकानदारों को अतिक्रमण करने की छूट दे दी जाए या उन्हें सड़कों पर गंदगी फैलाने की अनुमति दे दी जाए। यदि नगर निगम सहयोग कर रहा है तो व्यापारियों को भी शहर में व्यवस्थाएं बनाने में निगम को सहयोग करना होगा। महापौर ने पुन: नगर निगम की संपत्तियों की समीक्षा करते हुए नगर निगम परिसर सहित निगम की अन्य संपत्तियों पर मलवा को जहां जैसा है के आधार पर नीलाम करने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम, प्रवर्तन दल के अधिकारी आदि मौजूद रहे।