साढौली कदीम। प्रशासन द्वारा पराली जलाए जाने पर सख्ती दिखाने के बाद अब किसान रात में पराली जला तत्काल जुताई कर रहे है। वहीं, कई किसान पराली को सड़क किनारे एकत्र कर आग के हवाले कर रहे है, जिससे वन विभाग के पेड़ भी आग की भेंट चढ़ रहे हैं। किसानों का मानना है कि धान की पराली खेत से बाहर निकालने में भारी खर्च आ रहा है सरकार खर्च को वहन करे तो उन्हें पराली एकत्र करने में कोई परेशानी नही है। सरकार पराली एकत्र करने के लिए कोई भी धनराशि देने को तैयार नही है। ऐसे में पराली को आग के हवाले करने के अलावा कोई उपाय भी नही है। तथा मजबूरन उन्हे खेतों की जुताई करने के लिए पराली एवं अन्य फसल अवशेषों को जलाना पड़ रहा है।
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किसान यदि रात में भी पराली जलायेगा तो भी सेटेलाइट से पकड़ में आ जाएगा। पराली को नष्ट करने के लिए किसानों को साधन सहकारी समिति लोदीपुर व गन्ना समिति बेहट में न्यूनतम किराये पर मल्चर मशीन उपलब्ध करायी गयी है।
- रविप्रकाश सिंह बीडीओ साढौली कदीम