बेहट सीएचसी में श्रद्वालुओं को समझाते एसडीएम बेहट
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शांकभरी (सहारनपुर)। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र की सप्तमी पर नाममात्र के ही श्रद्धालु पहुंचे। भूरा देव से पहले कोविड नेगेटिव रिपोर्ट देखकर ही श्रद्धालुओं को माता के भवन पर जाने दिया जा रहा था। रिपोर्ट नहीं दिखाने वाले श्रद्धालुओं को वापस भेजा गया। इस पर कुछ लोगों ने बेहट सीएचसी पहुंचकर हंगामा किया। वहां एसडीएम ने उन्हें समझा-बुझाकर तथा शासन की गाइडलाइन का हवाला देकर शांत कराया।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए धार्मिक स्थलों में प्रवेश के लिए शासन द्वारा 72 घंटे पहली आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने के निर्देश जारी कर रखे हैं। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी भवन में इन निर्देशों के अनुपालन के दौरान सोमवार को भूरादेव के समीप नागलमाफी में श्रद्धालुओं को रोककर कोविड-19 की नेगेटिव रिपोर्ट देखी गई। इस पर कुछ श्रद्धालु लौट गए लेकिन कुछ ने सीएचसी बेहट पहुंचकर हंगामा किया। इनका कहना था कि वे काफी दूर से मां के दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने मास्क भी लगा रखा है और वे दो गज की दूरी का पालन कर दर्शन करेंगे। हंगामे की जानकारी पाकर सीएचसी पहुंचे एसडीएम दीप्ति देव यादव ने कोविड-19 गाइडलाइन का हवाला दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ही रिपोर्ट मांगी जा रही है। सरकार ने ऐसा श्रद्धालुओं की जिंदगी बचाने के लिए किया है। इसके बाद वे शांत हुए। उधर, नागल माफी में रोकने के बाद बहुत से श्रद्धालुओं ने मिर्जापुर पीएचसी और साढ़ौली कदीम सीएचसी पहुंचकर जांच कराई और नेगेटिव रिपोर्ट के साथ माता के दर्शन किए। सिद्धपीठ शाकंभरी मंदिर क्षेत्र में नवरात्र मेला चला रहा है। कोरोना संक्रमण की छाया मेले पर भी पड़ गई है। नाममात्र के श्रद्धालु ही माता के दर्शन के लिए जा रहे हैं।