सहारनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। तीन दिन बाद 26 जून को नामांकन पत्र दाखिल होने हैं, जिसके चलते अब जोड़तोड़ का खेल तेजी पकड़ रहा है। दूसरे दलों के सदस्यों को अपने खेमे में खींचने की कवायद चल रही है, जिसमें पता चला कि बसपा के कुछ सदस्यों पर डोरे डाले जा रहे हैं, लेकिन यह वक्त ही बताएगा कि कौन किसके पाले में रहा।
सहारनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद ओबीसी के लिए आरक्षित है। जिले में कुल 49 जिला पंचायत सदस्य हैं। नामांकन पत्र 26 जून को जमा होंगे, लेकिन बगैर घोषणा के ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। एक तरफ भाजपा से मांगेराम चौधरी अपनी तैयारी में हैं तो दूसरऱ्ी तरफ बसपा नेता नवीन खटाना अपनी मां जिला पंचायत सदस्य शिमला देवी को अध्यक्ष पद पर आसीन कराने के लिए जोड़तोड़ में लगे हैं। इसी चुनावी लड़ाई में पिछले दिनों ही कांग्रेस और भाकियू ने बसपा प्रत्याशी का समर्थन किया था और भाजपा को जीत का स्वाद चखने से रोकने का एलान किया गया था। फौरी तौर पर हुए गठबंधन ने भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी थी, लेकिन इसकी काट करने के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। चर्चा है कि भाजपा प्रत्याशी मांगेराम चौधरी को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है तथा बसपा के कुछ सदस्यों से संपर्क साधकर डोरे डाले जा रहे हैं। ताकि बहुमत हासिल किया जा सके।
गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीतने के लिए किसी भी प्रत्याशी को कम से कम 25 सदस्यों का समर्थन हासिल करना होगा। पूर्व में जब जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम घोषित हुआ था तो, भाजपा के पास 14 और बसपा के पास भी 14 सदस्य थे। दोनों ही पार्टी के प्रत्याशियों को जीतने के लिए 11 - 11 सदस्यों की दरकार है। इस आंकड़े को हासिल करने के लिए हर रणनीति अपनाई जा रही है।