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Bharat Ratna Award: ...जब किसान मसीहा ने मांगा था एक वोट-एक नोट, यहां चंदे से भर गई थी चादर की गठरी

Fri, 09 Feb 2024 02:33 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

Bharat Ratna Award 2024 : 1980 में सहारनपुर के गांधी पार्क में चौधरी चरण सिंह की एक जनसभा हुई थी। उन्होंने इस जनसभा में आए लोगों से एक वोट-एक नोट की अपील की थी। इसके बाद चंदे से चादर की गठरी भर गई थी।
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पूर्व विधायक विमला राकेश के साथ किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का सहारनपुर की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने परिस्थितियों और सामाजिक समीकरण के हिसाब से जिले के कई नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम किया। लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव, हर चुनाव में उन्होंने जिले में जनसभा की। 

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रालोद के प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह के अनुसार, 1980 में सहारनपुर के गांधी पार्क में चौधरी चरण सिंह की जनसभा हुई थी। किसान के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह ने सभा के दौरान कहा कि वह किसी भी उद्योगपति से पार्टी के लिए चंदा नहीं लेते, लेकिन पार्टी को आगे ले जाने के लिए आर्थिक मजबूती भी जरूरी है। ऐसे में उन्होंने जनसभा में आए लोगों से एक वोट-एक नोट की अपील की थी।

चौधरी चरण सिंह की इस अपील ने लोगों को भावात्मक तरीके से जोड़ा, जिसके बाद वहां पर आए लोग इतने प्रभावित हो गए कि उन्होंने जनसभा स्थल पर ही चादर बिछाकर चंदा इकट्ठा कर दिया। चंदा इतना हुआ कि समर्थकों को चादर की गठरी बांधनी पड़ी थी। इसके बाद समर्थकों ने चौधरी चरण सिंह को यह गठरी सौंपी थी।



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हर साल गौरव दिवस के रूप में मनाएंगे यह दिन : नीरपाल सिंह 
रालोद खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नीरपाल सिंह का कहना है कि किसानों का गौरव और सम्मान वर्षों बाद लौटा है। ऐसा लग रहा है कि यह सम्मान किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के साथ-साथ पूरे देश के लोगों को मिला है। इसके लिए सभी किसान सरकार का धन्यवाद करते हैं। जिन्होंने यह सम्मान दिया। चौधरी चरण सिंह इसके हकदार थे। उन्होंने किसानों के हित में नए कानून बनाए और किसानों को सिर उठाकर चलना सिखाया। वह हमेशा देश के बारे में सोचते थे। यह बड़े गर्व की बात है। जाट समाज ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के किसान खुश है। यह दिन इतिहास में दर्ज होगा। हर साल इसे गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

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