सहारनपुर। खर्चों और बजट में शामिल प्रस्तावित व्यय को लेकर पार्षदों के सवालों और अफसरों के जवाबों के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 254 करोड़ दस लाख रुपये का बजट पारित किया गया है। नगर निगम बोर्ड की बैठक मंगलवार को जनमंच में हुई।
महापौर संजीव वालिया की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे शुरू हुई। पार्षदों ने बोर्ड बैठक कई माह बाद होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। इसे लेकर सदन प्रभारी/उप नगरायुक्त दिनेश यादव को जवाब देने को कहा गया। उन्होंने बैठक में देरी के लिए महापौर का नाम लिया। महापौर ने तुरंत उनकी बात का खंडन किया। इस बात को लेकर सदन प्रभारी और महापौर में मतभेद नजर आए। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बोर्ड बैठक विलंब से बुलाने का कारण कोविड-19 बताते हुए कहा कि वह संकट का समय था और हमारी और आपकी सबकी प्राथमिकताओं में कोविड-19 था। महापौर संजीव वालिया ने भविष्य में बोर्ड व कार्यकारिणी की बैठक समय से बुलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कर विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कर अधीक्षक विनय शर्मा को विभाग के कार्यों की ठीक से मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य लेखाधिकारी राजीव कुशवाह ने बजट पेश करना शुरू किया तो वार्ड 58 के पार्षद आशुतोष सहगल ने माइक थाम लिया। सहगल का आरोप था कि सदन नियमों के अनुरूप नहीें चल रहा है। सदन की अहमियत खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्षद मंसूर बदर ने नगर निगम की आय लगातार कम होने पर चिंता जताई। बजट में कर आदि की अनुमानित आय को कम दर्शाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। हालांकि उप नगरायुक्त दिनेश यादव ने निगम की कमाई घटने की बात को खारिज करते हुए तीन वर्षों की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद मुख्य लेखाधिकारी ने वर्ष 2020-21 की अनुमानित आय 250 करोड़ और पिछले बजट से अवशेष 211 करोड़ की राशि के साथ कुल आय 461 करोड़ का अनुमान पेश किया। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 254 करोड़ दस लाख रुपये का बजट पेश किया। कुछ पार्षदों की आपत्तियों और सवाल-जवाबों के बाद बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक से दस पार्षद गैरहाजिर रहे।
जमीन पर कब्जे का मामला उठा
वार्ड 47 के पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने घंटाघर स्थित नजूल की करीब 300 गज भूमि पर कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के नेता के एक करीबी पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। अन्यथा की स्थिति में मामले को डीएम, कमिश्नर और जरूरत पड़ी तो लखनऊ तक ले जाने की चेतावनी दी।
बाबुओं के पटल बदलने की मांग
नगर निगम में कई कर्मचारी अपने पटल पर दस वर्ष से अधिक समय से जमे हुए हैं। पार्षद आशुतोष सहगल, पार्षद शहजाद मलिक और अन्य पार्षदों ने भी मामला उठाया। शहजाद मलिक ने आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बाद भी कुछ बाबुुओं के पटल नहीं बदले जा रहे हैं। सदन को बताया जाए कि किस दबाव में पटल नहीं बदले जा रहे हैं। उन्होंने बाबुओं पर गंभीर आरोप भी लगाए।
डीजल घोटाले का आरोप
पार्षद प्रदीप उपाध्याय ने डीजल खर्च में घोटाला होने का आरोप लगाया। उपाध्याय ने सदन को बताया कि उन्होंने आईटीआई के तहत डीजल खर्च की जानकारी मांगी थी। सरकारी गाड़ियों में प्रतिदिन 40-40 लीटर तक डीजल डालने की बात कही गई है, जबकि हकीकत में डीजल दस लीटर डाला जा रहा है। जांच की मांग की।
इन पार्षदों ने भी उठाए सवाल
पार्षद मुकेश गक्कड़, ने कहा कि बजट कहां-कहां खर्च होता है इसके लिए हर विभाग की निगरानी समितियां बनाई जाएं। इनके अलावा चंद्रजीत सिंह निक्कू, अमित त्यागी, गीता चौहान, अशोक राजपूत, नंदकिशोर, अनिल कुमार आदि ने भी अपनी बात रखी। उपसभापति रमेश छाबड़ा का कहना था कि अधिकारी सदन में सही जवाब दें।
श्रद्धांजलि दी, जन्मदिन भी मना
बोर्ड बैठक में सबसे पहले पार्षद रमेश छाबड़ा के प्रस्ताव पर पार्षद हाजी बहार अहमद के पुत्र के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद पार्षद विजय कालड़ा का जन्म दिन मनाया गया, जिसका केक बांटा गया।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के अनुमानित व्यय के मुख्य बिंदु
व्यय का शीर्षक ---------- व्यय (लाख में)
अधिष्ठान व्यय ----------- 9973
पथ प्रकाश पर व्यय ------ 650
जल-कल ------------------ 2181
स्वास्थ्य एवं गैराज ------- 3286
निर्माण कार्य -------------- 7570
विधिक कार्य -------------- 1670
जनमंच में नगर निगम की बोर्ड की बैठक में समस्यायें रखते पार्षद- फोटो : SAHARANPUR
जनमंच में बोर्ड की मीटिंग में उलझते निगम अधिकारी व मेयर- फोटो : SAHARANPUR