फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: बोतल बंद पानी भी सुरक्षित नहीं, स्थानीय ब्रांड के तीन नमूने फेल

विज्ञापन
विज्ञापन
- खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नौ जनवरी को अलग-अलग प्लांट से लिए थे छह नमूने
विज्ञापन


- मानक के अनुरूप नहीं मिला पानी, विभाग ने सप्लाई पर लगाई रोक, बैक्टीरिया की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिस बोतलबंद पानी को शुद्ध समझकर पी रहे हैं वह भी सुरक्षित नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जनवरी में अलग-अलग प्लांट से लिए गए बोतलबंद पानी के तीन नमूने फेल आए हैं। इनमें बैक्टीरिया पाया गया है। नमूने फेल आने पर विभाग ने बिक्री, भंडारण और निर्माण पर रोक लगा दी गई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने जनवरी में प्रदेश के सभी जिलों में बोतलबंद पानी के नमूने लेने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार टीम गठित की थी। नौ जनवरी को टीम ने जिले में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। अभियान के दौरान मैसर्स जूस बैकेट एलएलपी, मैसर्स चंद्र प्रभु वेबरेज, मैसर्स एलकीफ्रेस, मैसर्स जया, प्रताप एंटरप्राइजेज के प्लांट से पानी के छह नमूने लिए थे।
विज्ञापन

सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। विभाग को शासन से मिली जानकारी के मुताबिक, छह में से तीन पानी के नमूने मानक पर खरे नहीं उतर पाए यानी नमूने असुरक्षित पाए गए। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन पैकेज्ड पानी प्लांट के उत्पादन एवं बिक्री पर रोक लगा दी है।
- बीमार कर देगा दूषित पानी
एसबीडी जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि दूषित पानी बीमार कर देगा। पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, लिवर में इंफेक्शन जैसी बीमारियां पैदा करती है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका असर और भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए बोतलबंद पानी को पीते समय सावधानी बरतें।
बाजारों में खपाया जा रहा लाखों लीटर दूषित पानी
बाजारों में एक लाख से अधिक लीटर पानी दूषित पानी खपाया जा रहा है। जिन तीन पानी के नमूने जांच में फेल आए हैं, उन पर अब जांच के बाद ही रोक लगी है। इससे पहले तक बाजार में पानी खप चुका था। ऐसे में बोतलबंद पानी खरीदने से पहले सतर्क रहें।
विज्ञापन

वर्जन
जिले में नौ जनवरी को टीम ने अलग-अलग प्लांट से पानी के छह नमूने लिए थे। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। शासन से तीन नमूने फेल होने की जानकारी मिली है। - मनोज वर्मा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें