- विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं गंभीर मरीज
- मेडिकल कॉलेज में न ट्रामा सेंटर, न कैथलैब और न ही एमआरआई की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। गैस्ट्रोएंटोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। चिकित्सकों की कमी मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। इसलिए मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां न ट्रामा सेंटर और न ही एमआरआई की सुविधा है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज 420 बेड का है। ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से 2200 तक मरीज आते हैं। 24 घंटे में 15 से 20 ऑपरेशन होते हैं। वर्ष 2015 में एमबीबीएस शुरू हुई थी, जबकि वर्ष 2022 में पीजी की शुरुआत की गई थी। मेडिकल कॉलेज में जनरल सर्जन का एक पद, चेस्ट फिजिशियन के दो, स्त्री रोग विशेषज्ञ का एक और रेडियोलॉजिस्ट के दो पद खाली हैं। कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन संविदा पर कार्यरत हैं।
सुपर स्पेशलिटी में न्यूरो फिजिशियन, गैस्ट्रोएंटोलॉजिस्ट और प्लास्टिक सर्जन नहीं है। इन पदों का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा गया है। इन बीमारियों के मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार ही मिलता है। गंभीर स्थिति में हायर सेंटर रेफर किया जाता है। स्टाफ की कमी के अलावा मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर, कैथलैब, एमआरआई की सुविधा नहीं है। ट्रामा सेंटर नहीं होने से सड़क हादसे में गंभीर घायलों को हायर सेंटर भेज दिया जाता है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत पद व कार्यरत चिकित्सक
पदनाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
जनरल मेडिसिन 08 08 00
जनरल सर्जन 08 07 01
चेस्ट फिजिशियन 03 01 02
बाल रोग विशेषज्ञ 04 04 00
स्त्री रोग विशेषज्ञ 03 03 01
ईएनटी 03 03 00
दंत रोग विशेषज्ञ 03 03 00
हड्डी रोग विशेषज्ञ 04 04 00
रेडियोलॉजिस्ट 03 01 02
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में 80 से 90 फीसदी विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती है। सुपर स्पेशलिटी चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही पद स्वीकृत होने की उम्मीद है। - डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज