सहारनपुर। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुुओं ने शिवालयों और मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धा भाव से भगवान शंकर की पूजा करने के साथ ही जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महानगर में श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री हरि मंदिर, तहसील श्री शिव मंदिर, बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम, श्री साईं धाम, मेला गुघाल परिसर स्थित श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचे। भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने के साथ श्रद्धालुओं ने पंचामृत से अभिषेक किया। राधा विहार स्थित श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने पूजा अर्चना संपन्न कराई। श्री नर्मदेश्वर महादेव का पंचामृत से स्नान कराकर शृंगार किया और आरती उतारी।
स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने से पापों का नाश होता है। बेल पत्र भगवान के त्रिनेत्र स्वरूप है। शिव ही सृष्टि का मूल तत्व है। शिव पिंडी के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और शिव परिवार विराजता है। बेल पत्र अर्पण करने से त्रिय जन्मों के पापों का नाश होता है। बेलपत्र चढ़ाने पर भगवान शिव जीवन के सभी कष्टों को हर लेते हैं और कर्म बंधनों से मुक्त कर देते हैं। इस दौरान अरुण स्वामी, नरेश चंदेल, राजेंद्र धीमान, दिनेेश ठाकुर, डॉ. प्रभात वत्स, गीता, सुचेता, उमा, सुमिता, सुमन, पूजा आदि मौजूद रहे।
राधा विहार स्थित औघदानी महादेव मन्दिर सावन के सोमवार पर पूजा अर्चना करते शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR
बागेश्वर महादेव मन्दिर में जलाभिषेक करते शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR
बागेश्वर महादेव मन्दिर में जलाभिषेक करते शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR
भूतेश्वर महादेव मन्दिर में सावन के सोमवार पर जलाभिषेक के लिये लाइन में लगे शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR
भूतेश्वर महादेव मन्दिर में सावन के सोमवार पर जलाभिषेक करते शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR
भूतेश्वर महादेव मन्दिर में सावन के सोमवार पर जलाभिषेक करते शिव भक्त- फोटो : SAHARANPUR