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बापू ने सहारनपुर में दिया था मद्य निषेध का नारा

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- प्रोफेसर डा. डीसी अग्रवाल - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जनपद सहारनपुर का कई बार दौरा किया। उस समय हरिद्वार भी सहारनपुर जिले का हिस्सा था। वैसे सहारनपुर शहर में 16 अक्तूबर 1929 को और अगले दिन 17 अक्तूबर को उन्होंने देवबंद में सभा को संबोधित किया था। दोनों ही कार्यक्रम में बापू ने मद्य निषेध, अस्पृश्यता का त्याग और स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा और सत्य के प्रयोग पर बल दिया था।
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खास बात यह है कि देवबंद में देवी कुंड के पास हुए जलसे में सेवा समिति ने बापू को 1500 और मान पत्र भेंट किया था, जबकि पंचदरा में महिलाओं ने महात्मा गांधी और उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी को अपने जेवर तक देश की सेवा के लिए उतार कर थमा दिए थे। इसके अलावा असहयोग आंदोलन के दौरान देवबंद क्षेत्र के गांव खेड़ा मुगल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू 1942 में पहुंचे थे। तब उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया था। उस दौरान हर वर्ग के लोग यहां एकत्र हुए थे।
विविध रंगों में गांधी विचारधारा का प्रेम
दिल्ली रोड पर ग्रीन पार्क निवासी रोबिन अग्रवाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन सफर को डाक टिकटों में सहेजा है। उन्होंने 1996 से टिकट संग्रह करना शुरू किया और करीब 20 हजार टिकटों का संग्रह कर चुके हैं। उसमें एंटीगुआ (बरबूड़ा) से जारी टिकट भी है, जिसमें बापू की सात वर्षीय उम्र वाली तस्वीर है। जब बापू 1881 में राजकोट के स्कूल में पढ़ते थे, तब की फोटो वाला टिकट भी है।
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डीसी अग्रवाल बनाते हैं बापू के विचारों को लेकर कोलॉज
शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले प्रोफेसर डॉ. डीसी अग्रवाल कोलॉज बनाते हैं, जो बापू की विचारधारा को लेकर हैं। अनेक मंच पर उनके कोलॉज को प्रशंसा और सम्मान पत्र मिले हैं। क्योंकि उनके कोलॉज में वर्तमान परिवेश में गांधी की विचारधारा के विपरीत चल रही युवा पीढ़ी की गलतियों को इंगित किया गया है।

- डाक टिकट संग्रह करने वाले रोबिन अग्रवाल- फोटो : SAHARANPUR

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